वाराणसी डाकघर घोटाला कांड में जौनपुर के सहायक डाक अधीक्षक व पोस्ट मास्टर निलंबित

वाराणसी डाकघर में पंद्रह सौ खाते से करीब 10 करोड़ का हुआ है गबन

प्रखर वाराणसी/जौनपुर। बीते वर्ष वाराणसी के प्रधान डाकघर में पंद्रह सौ खातों से धोखाधड़ी करते हुए 10 करोड़ का गबन किया गया था। जिसमें मामला काफी तूल पकड़ा था। जिसमें कई कर्मचारियों व अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था । इसी क्रम में कैंट डाकघर में करोड़ों रुपए गबन में डाक विभाग ने अपने दो और अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए गौरी शंकर सिंह प्रधान डाकघर में डाक अधीक्षक एवं पंकज त्रिपाठी पोस्ट मास्टर पद पर तैनात थे। वही ये लोग इन दिनों जौनपुर में तैनाती थी । यह कार्रवाई चीफ पोस्टमास्टर जनरल स्तर पर की गई है। बता दें कि गबन के आरोप में अब तक चार अधिकारियों व 8 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। मामले में डाकघर गबन का खुलासा पिछले वर्ष अगस्त के अंत में हुआ था। जिसके बाद विभागीय जांच के बाद कार्रवाई करते हुए 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों एवं एजेंट पीके सिंह के खिलाफ विभाग ने कैंट थाने में 5 सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से उनके ऊपर कार्यवाही जारी थी। वहीं पिछले माह विभागीय जांच के बाद लखनऊ पुलिस को भेजी गई। रिपोर्ट के आधार पर जौनपुर में तैनात सहायक डाक अधीक्षक गौरीशंकर एवं पोस्ट मास्टर पंकज कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बतादें कि इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा भी जांच पड़ताल कर रही है, जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होंगे। इस बाबत जौनपुर के डाक अधीक्षक रामनिवास कुमार का कहना है कि वाराणसी परिक्षेत्र में पोस्ट मास्टर जनरल प्रणव कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके पूर्व तैनात रहे डाक अधीक्षक प्रभाकर त्रिपाठी एवं पोस्ट मास्टर आनंद कुमार श्रीवास्तव का निलंबन हो चुका है। बता दें कि वाराणसी के प्रधान डाकघर में करीब 15 सौ खातों से धोखाधड़ी करते हुए 10 करोड़ का गबन किया गया था।