क्या अयान मर चुका है?कब्र गाह पर पुलिस दे रही है दस्तक

बालक के मामा और मौसा द्वारा दिए राज को जोड़ कर पुलिस खुलासा करने में जुटी
प्रखर खेतासराय जौनपुर।  अयान की बरामदगी में पुलिस प्रशासन अब कब्रिस्तान की खाक छान रही है।बीते दिनों अयान के खास रिश्तेदार द्वारा एक मज़बूत कड़ी हाथ लगने पर बालक की ननिहाल का पुश्तैनी कब्रिस्तान मामा बदरेआलम और उसके बहनोई के साथ कब्रगाह का चक्कर लगा रही है।क्या अयान मर चुका है?पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने से कतरा रही है।अयान की बरामदगी के लिए मामा की भूमिका से प्रशासन भी दंग है।  हाइकोर्ट के दख़ल के चलते अयान प्रकरण पुलिस के गले की फास बन चुकी है।नगर के जोगियाना वार्ड में ननिहाल में रह रहे 4 वर्षीय अयान पुत्र यूसुफ निवासी मुस्तफ़ाबाद थाना सुजानगंज 22 अगस्त 2016 को लापता हो गया।पत्नी और पति एक दूसरे पर अपहरण करने का आरोप लगा रहे है।तत्कालीन इंस्पेक्टर जगदीश कुशवाहा ने न्यायालय के आदेश पर जुलाई 2017 में आईपीसी 363 के तहत फूफा और फुफी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कर जाँच को आगे बढ़ाया।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अयान के दादा समीउल्लाह और दादी नगीना को भी शामिल कर न्यायालय में चार्जशीट दाख़िल कर दी।उच्च न्यायालय ने 27 फ़रवरी को अयान की बरामदगी के लिए कड़े निर्देश दिए है।तीन दिन पूर्व दिल्ली में रह रहा अयान के मौसा जाफ़र को पुलिस ने उठाया तो बेहद चौकाने वाले राज सामने आए।हालाकि पुलिस कुछ भी बताने से गुरेज़ कर रही है।सूत्रों के अनुसार इस हाई प्रोफाइल मामले में मामा और उसके परिजन की भूमिका पुलिस जांच में संदिग्ध आ रही है।जिस में अयान की किसी बीमारी के चलते मौत हो गयी।उसने साज़िश के तहत अयान को रात्रि में बारा मोड़ पर स्तिथ पुश्तैनी कब्रिस्तान में दफना दिया।पुलिस प्रशासन ने डीएम के निर्देश पर एसडीएम शाहगंज,एसपी सिटी अनिल पांडेय,सीओ शाहगंज के साथ खुटहन,खेतासराय और शाहगंज पुलिस उक्त कब्रगाह पर पहुँची।अयान के मामा और मौसा जाफ़र के साथ निशानदेही के लिए पहुँची।लेकिन अयान की कब्र की स्थान न पहचान पाने से पुलिस प्रशासन वापस लौट गई।इस बाबत मीडिया ने सीओ शाहगंज जितेन्द्र कुमार दुबे से पूछा तो उन्होंने सीधे तऱीके से बात करने पर कतराते रहे।सिर्फ कहा कि प्रकरण में अभी जाँच चल रही है।