पीएम ने पंडित दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ काशी को दी 12 सौ करोड़ की परियोजनाएं

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पीएम ने सभा को भी संबोधित किया

पीएम के काफिले को पूर्व सपा जिला अध्यक्ष सतीश फौजी के बेटे ने दिखाया कला झंडा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

प्रखर वाराणसी। रविवार की सुबह 10:30 बजे के करीब वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रमों के जरिए काशी को दर्जनों परियोजनाओं का तोहफा देते हुए साथ ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास कर सभा को संबोधित किया। साथ ही पड़ाव स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया । सुबह लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर वायुसेना के विशेष विमान से वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी की अगुवाई राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। साथ के कई मंत्री भी मौजूद रहे। बतादे कि पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए काशी-माहाकाल एक्सप्रेस को हरी झंड़ी दिखा कर रवाना किया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी को 1250 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास का तोहफा दिया।
साथ ही पीएम मोदी ने प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद स्मृति स्थल को घूम घूमकर देखा। वही सीएम योगी ने इससे जुड़ी विशेषताओं को पीएम को विस्तृत से बताया। पीएम मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय करीब 63 फीट ऊंची प्रतिमा देश में पंडित जी की सबसे ऊंची प्रतिमा है। पीएम ने वाराणसी-चंदौली सीमा पर स्थित पड़ाव पर स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। बतादे कि बीएचयू से पड़ाव (चंदौली) स्थित पंडित दीनदयाल स्मृति स्थल के लिए पीएम मोदी रवाना होकर, वहां 63 फीट ऊंची प्रतिमा और संग्रहालय का पीएम ने लोकार्पण किये। रविदास गेट के पास अचानक काफिले के सामने कूदा अजय नाम का व्यक्ति कला झंडा लेकर दिखाने लगा। पहले कमांडो ने उसे घेरा फिर पुलिस ने पकड़ा। बतादे कि जंगमबाड़ी से बीएचयू लौटते समय सपा नेता सतीश फौजी के बेटे अजय यादव ने पीएम मोदी को दिखाया, जिसके उसे भीड़ ने दौड़ाया, पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। बतादे कि अजय सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं सतीश फौजी का बेटा है। पीएम मोदी
ने संबोधन में कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम पूरा हो चुका है। 21 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर है, जिन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है उनको भी हम तेज़ी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। देश में बड़े-बड़े अभियानों को सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं चलाया जा सकता, इसके लिए जनभागिदारी बहुत आवश्यक है। बीते 5-6 वर्षों में अगर गंगाजल में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिल रहा है तो इसके पीछे भी जनभागीदारी का बहुत महत्व है।
जिस प्रकार काशी और देश के युवाओं ने स्वच्छ भारत अभियान को देश के कोने-कोने में पहुंचाया है वैसे ही और संकल्पों को भी हमें देशभर में पहुंचाना है। मैंने लाल किले से भी आग्रह किया था कि हमें वो सामान खरीदने को प्राथमिकता देनी चाहिए जो लोकल में बना हो। इसके अलावा मठों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, संतों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, हमें अपने जीवन के संकल्प पूरे करने हैं और राष्ट्र निर्माण में भी अपना पूरा सहयोग करते चलना है। जंगमवाड़ी मठ भावात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से वंचित साथियों के लिए प्रेरणा का माध्यम है। संस्कृत भाषा और दूसरी भारतीय भाषाओं को ज्ञान का माध्यम बनाते हुए, टेक्नॉलॉजी का समावेश आप कर रहे हैं, वो भी अद्भुत है।
भारत के पुरातन ज्ञान और दर्शन के सागर श्री सिद्धांत शिखामणि को 21वीं सदी का रूप देने के लिए मैं विशेष रूप से आपका अभिनंदन करता हूं। भारत में राष्ट्र का ये मतलब कभी नहीं रहा कि किसने कहां जीत हासिल की, किसकी कहां हार हुई। हमारे यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है, यहां रहने वालों के सामर्थ्य से बना है।
वीरशैव परंपरा वो है, जिसमें वीर शब्द को आध्यात्म से परिभाषित किया गया है। जो विरोध की भावना से ऊपर उठ गया है वही वीरशैव है। यही कारण है कि समाज को बैर, विरोध और विकारों से बाहर निकालने के लिए वीरशैव परंपरा का सदैव आग्रह रहा है। जंगमबाड़ी मठ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा संस्कृति और संस्कृत की संगम स्थली में आप सभी के बीच आना, मेरा लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। बाबा विश्वनाथ के सानिध्य में, मां गंगा के आंचल में, संत वाणी का साक्षी बनने का अवसर बार-बार नहीं मिलता। उन्होंने पहले जंगमबाड़ी मठ में जगद्गुरु विश्वाराध्य गुरुकुल के जन्मशती समारोह के समापन कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी ने सिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के 19 भाषाओं में अनुवाद और उसके मोबाइल एप का विमोचन भी किया।
पीएम मोदी ने जंगमवाड़ी मठ में संजीवनी समाधि स्थल की पूजा भी की। इसके अलावा कर्नाटक के सीएम ने गुलाब का फूल देकर किया स्वागत। यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पीएम पहले एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से बीएचयू पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से जंगमवाडी मठ गए। बीएचयू गेट से निकलते ही हर हर महादेव से उनका स्वागत किया गया।
बतादे कि कार्यक्रम के दौरान 1195.29 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। इसमें बीएचयू में 430 बिस्तर का सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल व वैदिक विज्ञान केंद्र, कबीरचौरा में 100 बेड का मैटर्निटी विंग, लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर, काशी विश्वनाथ अन्न क्षेत्र सहित 34 प्रोजेक्ट का लोकार्पण शामिल है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी, हेरिटेज डेवलपमेंट व आधा दर्जन सड़कों सहित 14 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।