सोनभद्र में मिला 3 हज़ार टन सोने का भंडार, यूपी सरकार हुई मालामाल

जियो टैगिंग के बाद शुरू की जाएगी नीलामी

जांच की रिपोर्ट 22 फरवरी को 7 सदस्य टीम सरकार को सौंपेगी

8 वर्ष पूर्व 2012 में सोने के भंडार का पता चला था

प्रखर सोनभद्र। उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला खनिज पदार्थ के सात सात पहाड़ियों के लिए भी खूब जाना जाता है लेकिन जल्द ही सोनभद्र दुनिया के पटल पर आने वाला है। जानकारी के अनुसार पिछले कई वर्षों से सोने की तलाश कर रहे भू वैज्ञानिकों को आखिरकार सफलता प्राप्त हो ही गई। बताया जा रहा है कि जिले में दो जगह सोने के अयस्क मिले हैं। जहाँ से कुल मिलाकर तीन हजार टन सोने के अयस्क से करीब डेढ़ हजार टन सोने का खनन किया जाएगा। इनके खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया जल्द हो प्रारम्भ होगी लेकिन इसके पूर्व जिओ टैगिंग की कार्रवाई शुरू की गई है। सोनभद्र में सोने के उत्खनन का रास्ता साफ होने से पहले खनिज निदेशालय जिओ टैगिंग करवा रहा है। जिओ टैगिंग के लिए शासन ने 7 सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम 22 फरवरी तक शासन को रिपोर्ट सौंप देगी। जिसके बाद ब्लाकों की नीलामी की प्रक्रिया योगी सरकार द्वारा की जाएगी। बतादे कि वैज्ञानिकों को जिले के महुली में 2943.26 टन और सोन पहाड़ी में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार का पता चला है। अब जब सोने की खान का पता चल चूका है तो सरकार द्वारा गठित टीम जिओ टैगिंग करने के बाद ई-टेंडरिंग के जरिए ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू करे देगी। बतादे कि टीम ने 8 साल पहले ही ज़मीन के अंदर सोना होने की पुष्टि कर दी थी। अब यूपी सरकार ने भी अब तेजी दिखाते हुए सोने को बेचने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरु कर दी है। अध्ययन करके सोनभद्र में सोना होने के बारे में टीम ने बताया था और इस बात की पुष्टि भी 2012 में कर दी थी। टीम ने बताया था कि सोनभद्र की पहाड़ियों में सोना मौजूद है। जीएसआई के अनुसार महुली में 2943.26 टन और सोन पहाड़ी में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार मिला है।