सोनभद्र में मिले सोने की खदानों के पास दुनिया के सबसे जहरीले सांपों का बड़ा बसेरा

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खनन से दुर्लभ प्रजाति के सांपों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा

वहाँ पर दुनिया के जहरीले सांप रसेल वाइपर व कोबरा भारी मात्रा में मौजूद

प्रखर सोनभद्र। सोनभद्र में जिस इलाके में सोने की खदान की खोज हुई है, उसी इलाके में भारी मात्रा में दुनिया के जहरीले सांपों का बसेरा भी है। बताया जा रहा है कि यहां पर दुनिया के सबसे जहरीले सांप भारी संख्या में पाए जाते हैं। जिसके काट लेने के बाद किसी इंसान का बचना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा सोनभद्र के इन इलाकों में सोने के साथ-साथ यूरेनियम भी पाया गया है। जो काफी महंगा और फायदेमंद होता है। जिस पर भी रिसर्च किया जा रहा है। बता दें कि 2012 में सोनभद्र जिले में सोने की खदान होने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद जांच पड़ताल शुरू हुई और 2020 में सोने की खदान होने की पुष्टि होने के बाद जियो टेपिंग करवा कर इलाके को खदान इलाके को ईटेंडरिंग के द्वारा दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसके संबंधित 22 फरवरी को सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। बता दें कि सोनभद्र में मिले सोने की खदान के पास ही दुनिया के सबसे जहरीले सांपों का घर भी है। विंध्य पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित सोनभद्र की पहाड़ियों में विश्व के सबसे जहरीले सांपों की प्रजातियों में से तीन प्रजातिया मिली हैं जिसमें रसेल वाइपर, कोबरा व करैत है। वही वैज्ञानिकों के अनुसार सोनभद्र के सोन पहाड़ी क्षेत्र में पाए जाने वाली सांप की तीनों प्रजातियां इतने जहरीले हैं कि किसी को काट ले तो उसे बचाना संभव नहीं है। सोनभद्र जिले के जुगल थाना क्षेत्र के सोन पहाड़ी के साथी दक्षिणांचल के दुद्धी तहसील के महोली विंढमगंज चोपन ब्लाक के कोन क्षेत्र में काफी संख्या में सांप मौजद हैं। बतादे की भारत मे सिर्फ सोनभद्र में ही रसेल वाइपर
विश्व के सबसे जहरीले सांपों में जाने जाने वाले रसेल वाइपर की प्रजाति उत्तर प्रदेश के एकमात्र सोनभद्र जिले में ही पाई जाती है। रसेल वाइपर जिले के बभनी म्योरपुर व राबर्ट्सगंज में कई बार देखा जा चुका है। बताया जा रहा है कि सोनभद्र के चोपन ब्लाक के सोन पहाड़ी में सोने के भंडार मिलने के बाद इसकी जियो टैगिंग कराकर ई टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की तैयारी है। ऐसे में विश्व के सबसे जहरीले सांपों की प्रजातियों के बसेरे पर संकट मंडरा रहा है। वही सांपों पर अध्ययन कर चुके विज्ञान डॉक्टर अरविंद मिश्रा के अनुसार रसेल वाइपर विश्व के सबसे जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर हीमोटॉक्सिन होता है, जो खून को जमा देता है। काटने के दौरान यदि यह अपना पूरा जहर शरीर में डाल देता है तो मनुष्य की घंटे भर से भी कम समय में मौत हो सकती है। यही नहीं यदि जहर कम जाता है तो काटे स्थान पर घाव हो जाता है, जो खतरनाक साबित होता है। इसके अलावा विश्व के सबसे जहरीले सांपों की कई प्रजातियां आस्ट्रेलिया के जंगलों में भी पाई जाती हैं। वन्य जीव प्रतिपालक संजीव कुमार के अनुसार दुर्लभ प्राजति के सांपों के अस्तित्व को देखते हुए आस्टे्रलियां में भी कोयले की खदान खनन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। माना गया कि यदि खनन पर रोक नहीं लगाई तो यहां मौजूद दुर्लभ प्रजति के सापों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बतादे कि वन्य जीव विहार क्षेत्र में खनन की अनुमति देने का निर्णय केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को लेना होता है। सोनभद्र के चोपन ब्लाक के सोन पहाड़ी और हरदी में सोने के भंडार की ई टेंडरिंग को लेकर रिपोर्ट केन्द्र को भेजी जाएगी। इस मामले में डीएफओ का कहना है कि केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ही इस पर निर्णय लेगा।