पिता ने नहीं खरीदी नई मोटरसाइकिल तो पुत्र ने लगाई फांसी, मौत

प्रखर जौनपुर। जिले के चकमहिता (डमरुआ) गांव में पिता द्वारा मोटरसाइकिल न खरीदने से नाराज युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक का शव मकान के अंदर कमरे में लटकता हुआ मिला। शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उक्त गांव निवासी रूपचंद गौड़ परिवार की आजीविका चलाने के लिए सूरत में रहकर मजदूरी करते हैं।उनके चार पुत्रों में तीसरे नम्बर का पुत्र सभाजीत उर्फ पंजाबी (19) साल रोज की तरह शुक्रवार रात भोजन करने के बाद अपने खपरैल के मकान में बने कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह परिजन चाय देने के लिए जब कमरे का दरवाजा खुलवाने लगे तो कमरा नहीं खुल रहा था।जानकारी होने पर बड़े भाइयों ने खिड़की से झांककर देखा तो अवाक रह गए। देखा कि सभाजीत का शव कमरे में बने लकड़ी की कड़ी पर मफलर के सहारे झूल रहा था। परिजनों ने तुरंत सूचना पुलिस को देकर दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। परिवार वालों ने बताया कि सभाजीत विगत दस दिनों से मोटरसाइकिल खरीदने की जिद कर रहा था। पिता रूपचंद और बड़े भाइयों ने कहा पहले मकान बन जाय फिर मोटरसाइकिल खरीद दिया जाएगा।परिजनों के अनुसार पिता रूपचंद सूरत में है और वहां मजदूरी करते हैं। जबकि दो बड़े भाई रंजीत और इंद्रजीत गाड़ी चलाने का काम करते हैं। मां साधना का दस वर्ष पहले ही निधन हो चुका है। दादी सुरजा देवी और बड़े भाइयों ने ही सभाजीत की देखरेख की है। आठवीं तक पढाई करने के बाद उसने पढाई छोड़ दिया था। परिजनों ने बताया कि वह आये दिन मोटरसाइकिल की मांग करता रहता था।