फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस के मामले में मुख्तार अंसारी व तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित छह पर मुकदमा दर्ज

0
106
prakhar purvanchal
prakhar purvanchal

प्रखर मऊ। मऊ जनपद के सदर विधानसभा से विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ एसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज करने के लिए एसपी ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि कुछ वर्षो पूर्व मुख्तार अंसारी ने विधायक रहते हुए सन 2001 में अपने लेटर पैड पर जिलाधिकारी से शस्त्र लाइसेंस के लिए अनुरोध किया था। जिसमें सभी शस्त्र लाइसेंसों के पते फर्जी पाए गए और जिसकी जांच में यह खुलासा हुआ। मामले के मद्देनजर मुख्तार अंसारी सहित तत्कालीन थानाध्यक्ष लेखपाल सहित कुल छह लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को मुख्तार अंसारी समेत छह लोगों के खिलाफ फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। वही  मुख्तार के साथ ही तत्कालीन थानाध्यक्ष औऱ लेखपाल के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। बतादे कि वर्ष 2001 में विधायक मुख्तार ने अपने लेटरपैड पर डीएम से अनुरोध करके चार शस्त्र धारकों को असलहा देने का अनुरोध किया था। जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में शस्त्र धारकों का पता फर्जी पाया गया। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से दिए गए शस्त्र लाइसेंसों में से एक की एनकाउंटर में मौत भी हो चुकी है। बड़ा सवाल यह है किस आधार पर  शस्त्र लाइसेंस दिया गया। क्या उन असलहों से किसी की हत्या भी हुई थी, यह भी एक जांच का विषय है। वही शेष तीन शस्त्र धारकों की तलाश में पुलिस जुट गयी है। इसके अलावा तत्कालीन एसओ व लेखपाल के द्वारा सत्यापन की जांच आख्या दिए जाने पर पुलिस ने इन पर भी केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि सदर विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने लेटर पैड पर 15 दिसम्बर 2001 को तत्कालीन जिलाधिकारी को इजराइल अंसारी, अनवर अहमद, सलीम और शाह आलम को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का अनुरोध किया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष जेके सिंह की संस्तुति और तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट पर लाइसेंस जारी कर दिया गया।  जिसके बाद लाइसेंसों  का सत्यापन शुरू हुआ तो चारों शस्त्र धारियों के पते गलत पाए गए। इस पर मामले की गंभीरता को देखते  हुए एसपी ने मामले की जांच शुरू की। वहीं जांच का जिम्मा अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया। जांच में पाया गया कि चारों ने शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में गलत पता लिखाया है। जांच में यह भी पाया गया कि विधायक ने इनके लिए सिफारिश की थी। विधायक ने साजिश के तहत शस्त्र लाइसेंस दिलाने में सहयोग किया। यही नहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष और लेखपाल को भी इसके लिए दोषी पाया गया। यह भी पता चला कि चार में से एक लाइसेंस धारी शाह आलम की पुलिस मुठभेड में मौत हो चुकी है।  एसपी के आदेश पर पुलिस ने बाकि बचे तीनों लाइसेंसधारियों इजराइल अंसारी, अनवर शहजाद और सलीम के साथ ही तत्कालीन थानाध्यक्ष जेके सिंह, तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल और विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ धोखाधड़ी, आयुघ अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वही थाने के प्रभारी निरीक्षक निहार नंदन कुमार ने खुद एफआईआर दर्ज करायी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here