कोरोनावायरस पर भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी कामयाबी, कोरोना की एग्जैक्ट फोटो निकाली, दवा बनाने में मिलेगा सहयोग

फ्रांस का दावा हमने बना ली है दवा

प्रखर डेस्क। भारतीय वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी मिली है। पहली बार माइक्रोस्कोप में कैद हुई कोरोना वायरस की तस्वीर, बताया जा रहा है। बतादे कि वैज्ञानिकों ने पहली बार कोरोना वायरस की माइक्रोस्कोप से ली गई तस्वीर जारी की गई है।
एक तरफ दुनिया भर में कोरोना वायरस से कोहराम मचा है। हर दिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। इस बीच भारत के वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। जिससे काफी आस जगी है । वही कहा जा रहा है कि इस तस्वीर से वैज्ञानिकों को आगे रिसर्च में फायदा मिलेगा। साथ ही ये भी उम्मीद जग गई है कि भारत में इसके इलाज के लिए वैक्सिन बनाने में भी कामयाबी मिल सकती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी को केरल से आया था। वैज्ञानिकों ने इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने वाले देश के पहले शख्स के गले से कोरोना वायरस का सैंपल लिया था। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के ताजा अंक में इसे विस्तार से प्रकाशित किया गया है। बतादे कि कोरोना वायरस के उपचार की दवा विकसित करने के लिये भारत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ दुनिया के तमाम देशों की साझेदारी वाली परीक्षण प्रक्रिया में अपनी भागीदारी कर सकता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की महामारी एवं संक्रामक रोग इकाई के प्रमुख डा. रमन आर गंगाखेडकर ने शुक्रवार को कहा कि परीक्षण के बाद नयी दवाओं की खोज हो सकेगी। वही दूसरी तरफ फ्रांस ने दावा किया है कि उसने इस वायरस की नई दवा खोज ली है। शुरुआती परीक्षण में पता चला है कि इस दवा से 6 दिन के भीतर संक्रमण को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है। फ्रांस के इंस्‍टीट्यूट हॉस्पिटलो यूनिवर्सिटी के संक्रमण बीमारियों के विशेषज्ञ रिसर्च प्रोफेसर डिडायर राओ ने दावा किया है कि उन्‍होंने नई दवा का सफल परीक्षण कर लिया है। उन्‍होंने दवा के ट्रायल्‍स का एक वीडियो भी शेयर किया है।