नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केरल देश का पहला राज्य बना

-11 दिसंबर को देश की संसद में पारित हुआ था कानून

-10 जनवरी से पूरे देश में लागू, उत्तर प्रदेश पहला राज्य

प्रखर दिल्ली। 10 जनवरी से पूरे देश में लागू हुए संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है । याचिका दायर करने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया है। केरल सरकार ने सीएए के खिलाफ संविधान के आर्टिकल 131 के तहत सूट दाखिल किया है। याचिका में सीएए को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया गया है। संविधान का आर्टिकल 131 भारत सरकार और किसी भी राज्य के बीच किसी भी विवाद में सर्वोच्च न्यायालय को मूल अधिकार क्षेत्र देता है। बता दें कि इस कानून के खिलाफ देशभर में मुस्लिम संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। उनके इस प्रदर्शन को सबसे ज्यादा समर्थन कांग्रेस द्वारा दिया जा रहा है वहीं क्षेत्रीय पार्टियां अपने-अपने हिसाब से कभी पक्ष तो कभी भी पक्ष में नजर आ रही हैं। बता दें कि केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले केरल विधानसभा में दिसंबर में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। इसमें केंद्र से इस कानून को लागू नहीं करने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया था। सिर्फ बीजेपी विधायक ओ. राजगोपाल को छोड़ सभी विधायकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अब तक सुप्रीम कोर्ट में 65 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। बता दें कि इस मामले पर हो रहे देशव्यापी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।