मकान-स्कूल और अस्पताल से 50 मीटर दूर होंगे नए पेट्रोल पंप

-नए पेट्रोल पंपों पर वैपर रिकवरी सिस्टम लगाने का निर्देश

प्रखर दिल्ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) बड़ा फैसला लेते हुए यह निर्देश जारी किया है कि अब आगे से नए पेट्रोल पंप मकान-अस्पताल और स्कूल से 50 मीटर दूर खुलेंगे । बता दें कि देश में प्रदूषण के अंतर्राष्ट्रीय मानक बहुत ही खराब स्तर पर हैं । सबसे बुरा हाल देश की राजधानी दिल्ली का है । जो गैस चैंबर बन चुकी है । इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तमाम निर्देश और सलाह को लोग सिरे से नकार देते हैं। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पेट्रोल पंप से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ने को लेकर चिंतित है और इसलिए तेल विपणन कंपनियों से पेट्रोल पंप की स्कूलों, अस्पतालों और रिहाइशी इलाके से दूरी कम से कम 50 मीटर सुनिश्चित करने को कहा है। यह निर्देश आईआईटी कानपुर, राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी), टेरी, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय और सीपीसीबी के सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति ने देश भर में नए पेट्रोल पंप लगाने के लिए दिशानिर्देश तय किए हैं। जिसके मुताबिक, सरकार को खुदरा विक्रय केंद्र यानी पेट्रोल पंप को स्कूल, अस्पतालों (10 बेड या अधिक) और रिहाइशी इलाके से 50 मीटर के दायरे में दूर रखना चाहिए। इसके अलावा केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के संदर्भ में पिछले सप्ताह सरकार को कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए।जिसके तहत तेल कंपनियों को ऐसे नए पेट्रोल पंपों पर वैपर रिकवरी सिस्टम ( वीआरसी) लगाने का निर्देश जारी किया है। जिन पेट्रोल पंपों पर प्रति महीने 300 किलो लीटर मोटर स्प्रिट बिकने की संभावना है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर कोई तेल कंपनी वीआरसी नहीं लगाती है तो उस स्थिति में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उनसे वीआरसी के कीमत के बराबर का पर्यावरण हर्जाना लगाएगा। यानी अगर कोई तेल कंपनी इस निर्देश का पालन नहीं करती है तो उसका हर्जाना, उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा। ऐसा देश में बढ़ते हुए प्रदूषण का स्तर को देखते हुए किया गया है। बता दें कि वैसे भी रिहायशी इलाकों से इस तरह के ज्वलनशील पदार्थों को दूर रखना ही बेहतर होता है।