फिर लटकी निर्भया के कातिलों की फांसी !

– 22 जनवरी की तारीख आगे बढ़कर 1 फरवरी हो गई
– तारीख पर तारीख बढ़ने के कारण निर्भया की मां निराश
प्रखर दिल्ली। दिल्ली में निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर की जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी आखिरकार कानूनी दांवपेच में उलझ कर उन्हें फांसी नहीं दी जा रही है। राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका नकारे जाने के बाद भी 22 जनवरी को दी जाने वाली फांसी टाल दी गई है। यह सजा अब 1 फरवरी तक आगे बढ़ा दी गई है । अब इस पर भी नया पेंच फंसता दिखाई दे रहा है। अगर किसी ने 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की तो फांसी फिर आगे बढ़ सकती है। दोषियों की फांसी टल जाने पर निर्भया की मां आशा देवी बहुत निराश हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इंसाफ चाहिए मुझे नहीं मालूम कोर्ट कैसे देगा। आशा देवी ने कहा कि जो मुजरिम चाहते हैं वहीं हो रहा है, तारीख पर तारीख दी जा रही है, हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है। बता दें कि नए फैसले के कारण चारों दोषियों को अब 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। पटियाला हाउस कोर्ट अब ने नई तारीख का ऐलान किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा मामले के दोषी मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर शुक्रवार को फांसी की तारीख आगे बढ़ाने से संबंधित याचिका पर सुनवाई की और इसके बाद नया डेथ वारंट जारी किया गया है। वहीं दोषियों के वकील ने कहा है कि संविधान को ताक पर रख कर नया डेथ वारंट जारी हुआ है। जज ने ज्युडिशियल माइंड अप्लाई नहीं किया है। अभी लीगल रेमिडीज बाकी हैं। मैंने जज से कहा था कि मामला पेंडिंग में है, पर जज ने नहीं सुना, अब मैं हायर कोर्ट जाऊंगा। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया बलात्कार मामले के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मुकेश 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार दोषियों में से एक है जिन्हें फांसी की सजा का आदेश दिया गया है। इस मामले पर निर्भया की मां के वकील जितेंद्र झा का ने कहा- अभी मुझे लगता है कि 74 से 75 दिन और लगेंगे।  जज ने भी यह माना है कि यह मामला लटकाने की एक कोशिश भर है।