शिर्डी साईं बाबा जन्म भूमि विवाद पर उद्धव ठाकरे के बयान के बाद शिर्डी बंद

पूरा शिर्डी का इलाका बंद रहेगा लेकिन मंदिर खुला
प्रखर महाराष्ट्र।  शिर्डी को साँई मामला कल लेकर विवाद बढ़ता ही जा जा रहा है । साईं जन्मभूमि के को लेकर उपजे विवाद के बाद शिर्डी बंद करने का आवाहन कर दिया गया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने शिर्डी के साईं बाबा की जन्म भूमि के मामले में बयान दिया था। जिसके बाद पूरे साईं भक्त उद्धव ठाकरे के खिलाफ हो गए हैं। इसी खिलाफत को देखते हुए 19 जनवरी को शिर्डी का पूरा इलाका बंद करने का आवाहन कर दिया गया है, लेकिन साईं बाबा का मंदिर खुला रहेगा । इसके अलावा शिर्डी के साईं मंदिर के बंद रहने की खबर का मंदिर प्रशासन ने खंडन किया है। उनका कहना है कि साईं बाबा का मंदिर बंद नहीं रहेगा। बता दें कि कुछ दिन पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साईं बाबा के जन्म स्थान को पथरी बताया था। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में उबाल हो गया । उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा पथरी को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करन का निर्णय लिया, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ है । वहीं बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटील ने पूछा की पथरी को साईं बाबा का जन्म स्थान बताने का मुद्दा नई सरकार के आने के बाद ही क्यों उठा है। पाटिल ने यह भी कहा कि शिर्डी के लोग इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ सकते हैं। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहान ने जन्म स्थल पर विवाद के कारण पथरी में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं का विरोध नहीं होने की बात कही। बता दें कि महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिर्डी में 19वीं शताब्दी में साईं बाबा ने निवास किया था, जहां लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष दर्शन करने आते हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित पथरी के विकास के लिए 100 करोड रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कुछ श्रद्धालुओं का मानना है कि साईं बाबा का जन्म पथरी में हुआ था। वही एनसीपी नेता दुर्रानी अब्दुल्लाह खान ने गुरुवार को दावा किया कि इसके पर्याप्त सबूत भी हैं कि साईं बाबा का जन्म पथरी में हुआ था। जिसके बाद विवाद और बढ़ गया है, पाटिल के अनुसार के पथरी निवासियों ने भी इस मामले को कभी नहीं उठाया और साईं बाबा ने कभी अपने बारे में किसी को नहीं बताया था कि उनका जन्म स्थान कहां है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र सरकार इस विवाद को सुलझा पाएगी या फिर जैसे की तैसी या विवाद बना रहेगा, अब यह जांच का विषय होगा कि साईं बाबा का जन्म पथरी में हुआ था या शिरडी में, लेकिन विवाद शुरू हो गया है।