दिल्ली के उपराज्यपाल से मिले शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी

– एंबुलेंस और स्कूली बसों को रास्ता देने के लिए राजी

– हाईकोर्ट ने वहां प्रदर्शन को पुलिस के विवेक पर छोड़ा

प्रखर दिल्ली। दिल्ली में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात की है। उनकी मुलाकात का मकसद शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस और स्कूली बसों को रास्ता देने का है। बता दें कि इसके पहले इसी मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला दिल्ली पुलिस के विवेक पर छोड़ दिया था। बता दें कि एक जनहित याचिका में शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से आने जाने वालों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले पर हाईकोर्ट ने पुलिस के विवेक पर वहां के प्रदर्शन को हटाने या चलने देने पर छोड़ दिया था। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद से ही लगातार शाहीन बाग में प्रदर्शन चल रहा है । इसके बावजूद सरकार इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं । वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी सीएए और एनपीआर पर लगातार समर्थन रैली कर रही है। गौरतलब है कि उपराज्यपाल से मिलने पहुंचे इस आंदोलन के शिष्टमंडल के एक सदस्य
तासीर अहमद ने कहा कि ‘हमने अपनी बातें एलजी के सामने रखी हैं। एलजी ने कहा है कि ये मांगे गृह मंत्रालय तक पहुंचाएंगे। गौरतलब है कि शाहीन बाग में महिलाएं पिछले करीब एक महीने से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं और इस वजह से कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग बंद है। इस मार्ग पर सुचारू तरीके से यातायात बहाल करने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया है। इस में विशेष अनुमति याचिका दायर कर शाहीन बाग में स्थिति के निरीक्षण का आग्रह किया है। याचिकाकर्ता ने मामला उठाते हुए कहा है कि शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को समर्थन देना अन्य जगहों पर भी इस तरह के प्रदर्शन की प्रेरणा देता है । लिहाजा ऐसे प्रदर्शनों को बंद किया जाए क्योंकि इनके वजह से जनमानस के जीवन पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है।