अदनान के पद्मश्री पर मायावती ने साधा निशाना

– कहा अदनान सामी को पद्मश्री तो दूसरों को नागरिकता क्यों नहीं
प्रखर लखनऊ। मोदी सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों की घोषणा में एक नाम अदनान सामी का भी है। जो पहले पाकिस्तान के नागरिक थे लेकिन अब उन्होंने भारत की नागरिकता ले ली है और कला के क्षेत्र में उन्हें मोदी सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा है । इसी पर सवाल खड़ा करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि जब अदनान सामी को यहां नागरिकता और पद्मश्री मिल सकता है तो वहां के दूसरे मुसलमानों को नागरिकता क्यों नहीं। मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान समी को जब बीजेपी सरकार नागरिकता व पद्मश्री से भी सम्मानित कर सकती है तो फिर जुल्म-ज्यादती के शिकार पाकिस्तानी मुसलमानों को वहां के हिन्दू, सिख, ईसाई आदि की तरह यहां सीएए के तहत पनाह क्यों नहीं दे सकती है? अतः केन्द्र सीएए पर पुनर्विचार करे तो बेहतर होगा। गौरतलब है कि गायक अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अदनान सामी को कुछ साल पहले ही भारत की नागरिकता मिली थी। उन्हें इस बार मिले पद्मश्री सम्मान के बाद से विवाद खड़ा हो गया है। लोगों ने अदनान सामी के योगदान पर सवाल उठाए। हालांकि, अदनान सामी ने इस पर अपना स्टैंड क्लीयर किया है। सामी ने कहा कि उनके पिता 1965 की लड़ाई में पाकिस्तान के फाइटर पायलय थे। उन्होंने अपने देश के लिए ड्यूटी निभाई, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया था। लेकिन ऐसा कहां लिखा है कि बाप का इल्जाम उसके बेटे के कामों के ऊपर लगाया जाए। बता दें कि सोशल मीडिया पर अदनान सामी के नाम की घोषणा के बाद लगातार मोदी सरकार को घेरने का काम किया जा रहा है। मायावती ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उसे सीएए, एनआरसी, एनपीआर पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है।