घोटालेबाज यादव सिंह करोड़ों के भ्रष्टाचार में फिर गिरफ्तार

सीबीआई ने कोर्ट से निकलते समय पुनः किया गिरफ्तार

पिछले 3 माह से थे बेल पर

प्रखर लखनऊ। टेंडर घोटाले में फंसे यादव सिंह को पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया है। बता दें कि पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं , क्योंकि यादव सिंह को करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बता दे कि इसके पहले यादव सिंह को नोएडा में हुए करोड़ों रुपए के टेंडर घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मात्र 3 माह पूर्व ही वह जमानत पर रिहा थे। दूसरी तरफ सोमवार को सीबीआई दिल्ली की टीम ने विशेष अदालत में तारीख से लौटते समय परिसर से ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ में मौजूद उनकी पत्नी ने इसका विरोध किया तो सीबीआई के अधिकारी कई मामले में पूछताछ की बात कर ले कर चले गए। यादव सिंह न्यायालय से जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए हुए थे। जिसके बाद सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके मामले में तारीख थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि अदालत में हड़ताल की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई, जिसके कारण वह बाहर निकल कर जा रहे थे। इसी बीच सीबीआई ने उन्हें धर दबोचा। बताया जाता है कि सीबीआई के एएसपी राजेश चहल ने यादव सिंह को हिरासत में लेकर कार में बैठा लिया और लेकर जाने लगे। जिसके बाद उनकी पत्नी कुसुम लता ने इसका विरोध किया तो सीबीआई ने कहा कि इनसे पूछताछ करने के लिए ले जा रहे हैं। पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया जाएगा । सूत्रों का मानना है कि सीबीआई ने वर्ष 2018 में भी यादव सिंह के घोटाले का मुकदमा दर्ज किया था। यमुना एक्सप्रेसवे नोएडा स्टेडियम के निर्माण मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार की है। वही नोएडा में घोटाला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में कोर्ट लखनऊ में एक मुकदमा भी चल रहा है। सीबीआई ने मुकदमा दर्ज करने के बाद 15 फरवरी 2016 को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। तब से जेल में थे। मात्र 3 माह पूर्व बेल पर रिहा हुए थे इसके बाद पुनः सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।