ग़ाज़ीपुर- विश्व हृदय दिवस पर आयोजित की गई गोष्ठी

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– समय रहते हृदय से जुड़ी समस्याओं पर काबू जरूरी,आने वाले समय मे हर तीसरे इंसान की मौत का प्रमुख कारण हृदय रोग होगा- प्रभारी सीएमओ

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। वर्तमान समय में अव्यवस्थ‍ित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण एवं अन्य कारणों के चलते हृदय की समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। छोटी उम्र से लेकर बुजर्गों तक में हृदय से जुड़ी समस्याएं होना अब आम बात हो गई है। पूरे विश्व में हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डालने के मकसद से दुनिया भर में हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में प्रभारी सीएमओ डॉक्टर प्रगति कुमार की अध्यक्षता में विश्व हृदय दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मौजूदा समय में हृदय को कैसे दुरुस्त रखें इसके बारे में चर्चा किया गया।
प्रभारी सीएमओ डॉ. प्रगति कुमार ने बताया कि आज के मौजूदा समय में लोग भागम-भाग की जिंदगी जी रहे हैं। जिसके वजह से किसी के पास सुकून के दो पल नहीं है। ईसकी वजह से उन्हें कई तरह के बीमारी का सामना करना पड़ रहा है और इन्हीं बीमारियों में हृदय रोग सबसे महत्वपूर्ण रोगों में शुमार हो चुका है। वही एसीएमओ डॉ. के.के. वर्मा ने बताया कि यदि हमें अपने हृदय को दुरुस्त रखना है तो अपने लिए शांति के कुछ पल निकालने पड़ेंगे और ऐसे पल में पुराने गीतों, गजल व अन्य संसाधनों के माध्यम से अपने हृदय को बीमारी से बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया दिल के दौरे से हर 1 करोड़ से भी अधि‍क लोगों की मौत हो जाती है और इनमें से 50 प्रतिशत लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। अत: हृदय रोग मौत की एक अहम वजह बन चुका है, जिसके लिए जागरूकता होना बेहद आवश्यक है। विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरूआत सन 2000 में की गई थी। इसकी शुरूआत के समय यह तय किया गया था, कि हर साल सितंबर माह के अंतिम रविवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा। लेकिन 2014 में इसके लिए एक तारीख निर्धारित कर दी गई, जो 29 सितंबर थी। तभी से प्रतिवर्ष 29 सितंबर के दिन विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।
इस गोष्ठी में डीपीएम प्रभुनाथ, बीसीपीएम अनिल वर्मा, डिविजनल कोऑर्डिनेटर आर.के.एस.के. अपराजिता सभी ब्लाकों के बीपीएम, अर्बन कोऑर्डिनेटर टीबी यूनिट, स्टाफ नर्स, एनसीडी कंसलटेंट, आशा वर्कर उपस्थित रही।