ग़ाज़ीपुर- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक हुई सम्पन्न

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प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक राइफल क्लब सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई। इसमें जिलाधिकारी ने उ.प्र. नियंत्रण बोर्ड वाराणसी से जनपद में चल रहे पांच अवैध भट्ठों के खिलाफ संबंधित उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी से सामंजस्य स्थापित कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया। एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के अर्न्तगत बताया गया कि वर्ष 2020-21 में भौतिक लक्ष्य 30 एवं वित्तीय लक्ष्य 75 लाख प्राप्त हुआ, जिसे अभी तक 114 ऋण आवेदन आन लाइन प्राप्त हुए, जिसके सापेक्ष 66 ऋण आवेदन पत्र स्कोर कार्ड के आधार पर चयन कर बैंक शाखाओ को अग्रसारित कर दिया गया है। इसमें 5 ऋण आवेदन स्वीकृत तथा 5 ऋण आवेदन वितरित किये गये है। विगत वर्ष प्रेषित आवेदनों में से इस वर्ष 10 आवेदन पत्र स्वीकृत तथा 10 आवेदन पत्र वितरित हुए है। कुल 15 ऋण आवेदनों में स्वीकृत एवं वितरित मार्जिनमनी 9.375 लाख है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वर्ष 2020-21 में लक्ष्य 56 एवं वित्तिय लक्ष्य 168.00 लाख प्राप्त हुआ, जिसमें आवेदनों के परीक्षणोपरान्त स्कोर कार्ड के आधार पर 60 अंक या अधिक अर्जित करने वाले आवेदन बैंकों को अग्रसारित किये जा रहे है। अब तक 270 ऋण आवेदन बैंक शाखाओ को अग्रसारित किये गये, जिसमें 45 आवेदन स्वीकृत, मार्जिनमनी 213.28 लाख तथा 39 आवेदन वितरित मार्जिनमनी 182.13 लाख है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में निवेश मित्र अन्तर्गत अनुमतियां, अनापत्तियां, पंजीयन, लाइसेंस आदि निर्गत करने के लिए एकल मेज व्यवस्था लागू है। इसकी वेबसाइट  www.niveshmitra.up.nic.in पर उद्यमियों द्वारा कामन अप्लीकेशन आन लाइन भरा जाता है। इस वर्ष जनपद में निवेश मित्र वेबसाइट पर समय सीमा के अन्तर्गत औषधी विभाग में 4 अग्नि शमन में 2, विद्युत विभाग 2 तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 6 प्रकरण लम्बित है, जिसे निस्तारण का निर्देश दिया गया। एम.एस.एम.ई. के वार्षिक क्रेडिट प्लान क्रम में वर्ष 2020-21 में लक्ष्य 225.33 करोड़ है, जिसके सापेक्ष लाभार्थियों को 40.23 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। उ.प्र. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापन एवं संचालन सरलीकरण) अधिनियम-2020 का शासनादेश जारी है। इस अधिनियम को लागू किये जाने का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्य, लघु एवं मध्यम उद्यम के स्थापन तथा संचालन के सरलीकृत करने के लिए अपेक्षित कतिपय अनुमोदनों तथा निरीक्षणों और उससे संबंधित एवं अनुषांगिक मामलो से छूट प्रदान करना है। शिशिक्षु प्रशिक्षण योजनान्तर्गत जनपद के राजकीय एवं निजी अधिष्ठानों को भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीयन एंव शिशिक्षु प्रशिक्षण के लिए इस वर्ष 750 का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 432 अधिष्ठानों का सर्वे के उपरान्त तथा 22 अधिष्ठानों का पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है, जिसमें 214 शिशिक्षु कार्यरत है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रगति लाने का निर्देश दिया। नंदगंज में बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के संबंध भूमि का वर्तमान दरों के अनुसार मूल्यांकन उपलब्ध किये जाने का अनुरोध किया है, जिसमें अभी तक मूल्यांकन नही हुआ तथा जिलाधिकारी स्तर से पत्र प्रेषित किया जाना है। जिस पर  जिलाधिकारी ने यू.पी.एस.आई.डी.सी. के एम.डी. से वार्ता करने का आश्वासन दिया। बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने बारी-बारी से अपनी बातो को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा, जिस पर उन्होने निस्तारण का आश्वासन दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्डप योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वतः रोजगार योजना, की समीक्षा की। अन्य विभागो में संचालित ऋण परक योजनाओं/लोन से संबंधित आवेदन की प्रगति के संबंध में जिला अग्रणी प्रबंधक को अधिकाधिक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, अजय कुमार गुप्त, एवं संबंधित विभाग के अधिकारी तथा जनपद के उद्यमी एस.के. दुबे, जय किशुन साहू, वशिष्ठ सिंह यादव एवं अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।