ऑपरेशन के बाद पेट में छुटा ब्लेड , कोर्ट ने दिए डॉक्‍टर पर एफआईआर के आदेश

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प्रखर आगरा। ताज के शहर आगरा में एक डॉक्टर ने लापरवाही की सभी हदें पार कर दी हैं. पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में सर्जिकल ब्लेड छोड़ दिया. ऑपरेशन के बाद पेट दर्द से परेशान मरीज ने जब आगरा के बाहर जाकर दूसरे हॉस्पिटल में दिखाया तो पता चला कि पेट में सर्जिकल ब्लेड है जिसकी वजह से उसे दर्द हो रहा है. इसकी शिकायत करने पर भड़के डॉक्टर ने मरीज से अभद्र व्यवहार भी कर दिया. थकहार कर मरीज ने आगरा न्यायालय की शरण ली और अब न्यायालय ने मौर्य हॉस्पिटल के डॉक्टर सिद्धार्थ धर मौर्य पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश थाना न्यू आगरा पुलिस को दिया ह। मरीज के पथरी के ऑपरेशन के बाद सर्जिकल ब्लेड पेट में ही छोड़ दिए जाने के मामले में कोर्ट ने आरोपित सर्जन के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं. आगरा के कौशलपुरी स्थिति मौर्य हॉस्पिटल (डंनतलं भ्वेचपजंस) में ललित पुर रामनगर निवासी गौरव कुशवाह ने पथरी का ऑपरेशन कराया था. ऑपरेशन के बाद भी जब उनके पेट में दर्द रहने लगा तो दोबारा अल्ट्रासाउंड हुआ और डॉक्टर ने दवाएं दी, लेकिन दर्द में आराम नहीं मिला. इसके बाद मरीज ने दिल्ली में जांच करवाई तो पता चला कि उसके पेट में सर्जिकल ब्लेड है. पीड़ित मरीज ने जब मौर्य हॉस्पिटल में इसकी शिकायत की तो उसके साथ अभद्र व्यवहार कर भगा दिया गया। चारों तरफ से परेशान मरीज ने आगरा में न्यायालय की शरण ली. न्यायालय ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए मौर्य हॉस्पिटल के डाक्टर सिद्धार्थ धर मौर्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश न्यू आगरा पुलिस को दिए. आगरा में पूर्व में भी डॉक्टर्स की लापरवाही की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ऑपरेशन के दौरान पेट में ही ब्लेड छोड़ दिए जाने का यह पहला मामला है.डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त किया जाए। आगरा में रामनगर निवासी गौरव कुशवाह का केस लड़ने वाले अधिवक्ता पवन कुमार गौतम कहते हैं कि अभी इतनी गंभीर लापरवाही पर डॉक्टर सिद्धार्थ धर मौर्य का लाइसेंस निरस्त किया जाना चाहिए. अधिवक्ता गौतम का कहना है कि इस घटना को न्यायालय ने बहुत गंभीरता से लिया. न्यायिक मजिस्ट्रेट रुमाना अहमद ने न्यू आगरा थाने को आरोपित के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।