फ़िल्म भूरी की तरह कहानी! नौजवान विधवा से रिश्वत के रूप में प्रधान व सेक्रेटरी सहित 13 को मिला एड्स

0
1819

प्रखर गोरखपुर। सभी ने एक फ़िल्म भूरी देखी होगी, हूबहू उसी की कहानी सत्य घटना के रूप में चरितार्थ हुई है। गोरखपुर जिले के भटहट ब्लॉक के तहत एक गांव की एक नौजवान विधवा से रिश्वत के रूप में प्रधान सेक्रेटरी सहित 13 लोगों को एड्स की रिश्वत मिली, जिसके बाद सभी लोग सदमे में है। 13 लोगों को रिश्वत खाने का ऐसा अंजाम भुगतना पड़ा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती और इन लोगों ने इसकी कभी कल्पना भी नहीं की होगी। ये सभी 13 लोग एड्स के शिकार हो गए। जानकारी के बाद 13 लोगों सहित इनके परिवार के लोग भी सदमे में है। बता दें कि गोरखपुर जिले के भटहट ब्लाक के तहत आने वाले एक गांव का यह मामला है। जहां पर लालच व संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को भी बयां नही किया जा सकता। पूरी जानकारी के अनुसार युवावस्था में ही बेवा हुई गांव की एक महिला को राशन कार्ड व विधवा पेंशन का कागज बनवाना था। 3 वर्ष पूर्व वह अपनी फरियाद को लेकर अपने गांव के प्रधान के पास गई। महिला के आगे पीछे कोई नहीं था। यह जानकर प्रधान उसके करीब आने लगा और उसका यौन शोषण करना शुरू कर दिया। इसके बाद मामला रोजगार सेवक तक भी पहुंचा, तो उसने भी उसका यौन शोषण किया। फिर महिला प्रधान के माध्यम से सेक्रेटरी के पास पहुंची उसने भी उसका यौन शोषण किया। वही इन सब के बीच में करीब 9 लोग ने उसका यौन शोषण किया। यह सभी लोग उसे राशन कार्ड व विधवा पेंशन दिलाने का आश्वासन लगातार वर्षों तक देते रहे और जमकर यौन शोषण भी किया। वही महिला अचानक बीमार पड़ गई, तो प्रधान ने अपने परिचित झोला छाप डॉक्टर को दिखाया। जिसके बाद उसका इलाज हुआ लेकिन कोई असर नहीं हुआ। फिर उसके खून की जांच लैब भेजी गई, जहां पर एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि मिली। खबर जब प्रधान सहित सभी बिचौलियों को पहुंची तो सब के रोंगटे खड़े हो गए। सभी उस महिला को लेकर गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज गए, जहां पर उसका खून जांच कर पता चला कि उसे एड्स की बीमारी है। इसके बाद महिला का शोषण करने वाले प्रधान, सेक्रेटरी, ग्राम रोजगार सेवक सहित तमाम 13 लोग लोगों ने जब मेडिकल कॉलेज में जांच कराई तो सभी एचआईवी संक्रमित पाए गए। बता दें कि महिला की शादी के कुछ ही दिनों बाद उसके पति की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि उसके पति की मौत किसी रहस्यमय बीमारी की वजह से हुई थी। वही महिला ने बताया कि वह इस बीमारी से अनजान थी। सभी का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।