ठेका खुलते ही जहरीली शराब का तांडव यूपी में 10 की मौत

प्रखर डेस्क। कोरोना लॉकडाउन की वजह से उत्तर प्रदेश की सभी देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें बंद चल रही थी। इसी बीच मंगलवार को सरकार ने शराब ठेकों को खोलने का आदेश दे दिया। वही मिली जानकारी के अनुसार अंबेडकरनगर और आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत की सूचना है। साथ ही दर्जनों लोग गंभीर बताया जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बता दे कि एक तरफ शराब को लेकर दुकानों पर लाइन लगी है तो दूसरी तरफ आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में शराब पीने से दस लोगों की मौत हो गई है। वही करीब 24 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि जहरीली शराब के कारण घटना हुई है। पवई थाना क्षेत्र के मित्तूपुर में हुई घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। वहीं, लोगों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को पुलिस चौकी मित्तूपुर का घेराव भी किया। बताते चले कि डीएम, एसपी, एसपी ग्रामीण, एसडीएम फूलपुर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की है। बीमार लोगों का अंबेडकरनगर के जलालपुर में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने रविवार शराब पी थी। सोमवार की रात पांच लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार को पांच और लोगों ने दम तोड़ दिया। आजमगढ़ पुलिस अपने जिले में मौतों से इनकार कर रही है। उसका कहना है कि अम्बेडकर नगर जिले में मौतें हुईं हैं।लॉकडाउन के कारण शराब दुकानें बंद होने से देशी शराब लोग जमकर पीने लगे थे। शराब कहां बिक रही और किसने उपलब्ध कराई यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जिन मृतकों का नाम मिला है उनमें में राजन सोनी पुत्र रमई निवासी मित्तूपुर, पूर्व बीडीसी लालता प्रसाद निवासी गांव सौदमा, प्रेम शंकर पुत्र राजाराम निवासी गांव उसरहां, मुन्ना निवासी गांव राजेपुर शामिल हैं। मित्तूपुर के रामशेर पुत्र अच्छेलाल निवासी मित्तूपुर, रवि निवासी ग्राम उसरहां को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मित्तूपुर गांव के गुड्डू पुत्र मोती व मोतीलाल पुत्र रामदेव को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एडीशनल एसपी सिद्धार्थ ने कहाकि जांच के बाद ही कुछ कहना ठीक रहेगा।