घोर लापरवाही! कई प्राथमिक स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे बिना पढ़ाए ही कई गुरुजी पा गए 1.7 करोड़


प्रखर वाराणसी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा की शिक्षा व्यवस्था इतनी ढुलमुल है कि आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि कई प्राथमिक स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे चलाए जा रहे हैं और जो शिक्षक भर्ती के तहत आए हैं, उन्हें अभी तक विद्यालय आवंटित नहीं हो सका। जिसके एवज में उन्हें एक करोड़ के ऊपर का वेतन भुगतान भी कर दिया गया। यह मामला वाराणसी जनपद के परिषदीय स्कूलों के 70 ऐसे शिक्षक हैं, जिनको बिना बच्चों को पढ़ाएं ही लाखों रुपये हर माह वेतन के रूप में मिल रहा है। अब तक बिना काम किये ही शिक्षकों को एक करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। विद्यालय के आवंटन न होने से कई शिक्षक परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ कई विद्यालय शिक्षामित्रों के भरोसे चलाए जा रहे हैं। वही शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से उनको विद्यालय का आवंटन नहीं हो पाया। बतादे कि इन शिक्षकों में 48 ऐसे शिक्षक हैं, जिनको छह महीने में 1,58,40,000 और 22 शिक्षकों को एक महीने का वेतन 12,10,000 मिल चुका है। महीनों से वेतन ले रहे इन शिक्षकों को विद्यालय कब आवंटन होगा अभी तक इसका कोई खाका तैयार नहीं हो सका है। मामले के बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह का कहना है कि जल्द ही इन्हें विद्यालय का आवंटन कर दिया जाएगा विद्यालय आवंटित नहीं होने से शिक्षकों की वरिष्ठता में दिक्कत आ सकती है।