महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विवादित निदेशक गंगापुर कैम्पस एवँ एनटीपीसी कैम्पस हटाए गए

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प्रखर वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ विभूति नारायण सिंह कैम्पस गंगापुर के विवादित निदेशक एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो0 योगेंद्र सिंह को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति ने उनके पद से हटा दिया है। गौरतलब है कि योगेंद्र सिंह पर कई गम्भीर आरोप लगे हुए हैं जिसमें महिला उत्पीड़न, अनियमित नियुक्ति सहित एक दशक पूर्व हुए शोध छात्रों के प्रवेश में फर्जीवाड़े के गम्भीर आरोप हैं। इसके अलावा गंगापुर कैंपस के लिए पुस्तक क्रय में भी अनियमितता का आरोप है। बतादें की आरटीआइ एक्टिविस्ट सुधांशु कुमार सिंह इस भ्र्ष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। सुधांशु सिंह ने योगेंद्र सिंह की अनियमित नियुक्ति के संदर्भ में भी प्रतिवेदन दिया है और शोध फर्जीवाड़े में प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु सुशांशु कुमार सिंह ने वाद भी दाखिल कर रखा है।विगत दिनों गंगापुर के छात्रों ने भी पुस्तक क्रय में अनियमितता के सन्दर्भ में कुलपति का ध्यान आकृष्ट कराया था।
दूसरी तरफ एनटीपीसी कैम्पस के निदेशक प्रो0 सभाजीत सिंह सत्रलाभ के दौरान भी पद पर बने हुए थे इसपर भी आरटीआई कार्यकर्ता सुधांशु सिंह ने मुख्यमंत्री को प्रतिवेदन दिया था। विश्वविद्यालय के सामान्य प्रशासन के सहायक कुलसचिव ने दोनों प्रकरणों पर भ्रामक आख्या बिना कुलसचिव के अनुमोदन लिए प्रेषित कर दिया था।प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए कुलपति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने प्रो0 योगेंद्र सिंह एवँ प्रो0 सभाजीत यादव को अविलंब पद से विरत करते हुए कार्यभार अपने हाथों ले लिया है । इस संदर्भ में आरटीआई कार्यकर्ता सुधांशु कुमार सिंह ने कुलपति के निर्णय पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रो0 योगेंद्र सिंह की नियुक्ति एवँ शोध प्रवेश में आरोपी घोषित होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होने पर वह उच्च न्यायालय में वाद दाखिल कर चुके हैं, जो अभी प्रक्रिया में है।