प्रखर पूर्वांचल की खबर का असर- द्वितीय चरण के ठेकेदारों से कमर्शियल वाहन की सूची उपलब्ध कराने का आदेश

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– अधिकारियों ने कागजों पर कमर्शियल वाहनों को लगातार दौड़ाया है

– अधिकारी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को लगातार दिखा रहे ठेंगा

प्रखर चंदौली। सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली में चल रहे बड़े-बड़े गड़बड़ झाले पर प्रखर पूर्वांचल लगातार खबर कर रहा है। इसी कड़ी में चंदौली में द्वितीय चरण के ठेकेदारों द्वारा की जा रही मनमानी पर खबर किए जाने के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए सभी द्वितीय चरण के ठेकेदारों से 3 दिनों के भीतर अपने कामर्शियल वाहनों की सूची उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सूची उपलब्ध नहीं किए जाने पर उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही का भी आदेश है । बड़ा सवाल यह है कि क्या इस खबर के पहले जिला विपणन अधिकारी को इस बात की जानकारी नहीं है कि द्वितीय चरण की ठेकेदारी में बड़ा भ्रष्टाचार होता है। क्योंकि गोदामों से कोटेदारों के यहां जो खाद्यान्न भेजा जाता है। उसी के बीच में बड़ी गड़बड़ी की जाती है जिसमें घटतौली से लेकर खाद्यान्न में मिलावट की खबरें लगातार आती रहती हैं। अब देखना यह है कि शासनादेश के सालों बाद इस विभाग के अधिकारी प्रखर पूर्वांचल में खबर लगने के बाद अब इस मामले में कार्यवाही करते हैं या फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चल रही बड़ी धाधली को संज्ञान में लेते हुए इस विभाग को अपने पास रखा और तमाम सुधारों का आदेश दिया। लेकिन अधिकारियों ने अपनी मनमानी से इस पूरे व्यवस्था पर अपना कब्जा अब तक बरकरार रखा है । सरकार के आदेशों को सिर्फ कागजों के सहारे आगे बढ़ाते रहने वाले अधिकारी इस भ्रष्टाचार पर कितने संजीदा हैं इसका बड़ा उदाहरण द्वितीय चरण के ठेकेदारों को कमर्शियल वाहन जीपीएस युक्त प्रयोग में लाना है। लेकिन 2018 के आदेश के बावजूद अब तक किसी भी जिले में द्वितीय चरण के ठेकेदारों ने इस आदेश का पालन नहीं किया है और अधिकारी मौन हो कर मलाई काटते रहे हैं।