डॉ मुकेश बसपा से लड़ेंगे चुनाव भारतीय जनता पार्टी से मोहभंग

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प्रखर गाजीपुर। भारतीय जनता पार्टी में उसके बुरे दिनों के नेता एक-एक कर पार्टी में किनारे लगाए जा रहे हैं। फिर चाहे वह अरुण सिंह हों या डॉक्टर मुकेश सिंह बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले गाजीपुर में जिन चंद नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के झंडे को सबसे मजबूती से पकड़े रखा उसमें डॉ मुकेश सिंह भी रहे । कहते हैं सत्ता अपने साथ तमाम बुराइयों को लेकर आती है। 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के लिए झंडे उठाने वाले लोगों की बड़ी कमी थी । उस समय डॉक्टर मुकेश सिंह ने ना ही झंडा उठाया बल्कि बड़ी मजबूती से जमीन पर पार्टी के लिए कार्य भी किया । लेकिन इनाम मिलने की जगह उन्हें किनारे करने का प्रयास लगातार किया जाता रहा।
गौरतलब है कि बीते जिला पंचायत चुनाव में भी उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष तक के चुनाव में पार्टी के लिए जमकर काम किया परिणाम स्वरूप जिलापंचायत अध्यक्ष के पद पर भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने उन्हें हमेशा बाहरी समझते हुए उनके मेहनत को स्वीकार करने की बजाय हमेशा पार्टी में किनारे करने का प्रयास किया । इसका बड़ा उदाहरण सोमवार 20 सितंबर को सैदपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा से पहले लगे स्वागत पोस्टरों से डॉक्टर मुकेश सिंह की तस्वीर तक नहीं लगाई गई। इससे आहत होकर डॉक्टर मुकेश सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर बहुजन समाज पार्टी के साथ जाने का फैसला लिया है। विश्वस्त सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार डॉ मुकेश सिंह गाजीपुर की जंगीपुर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी होंगे। जिसकी घोषणा पार्टी फोरम पर जल्द होने की संभावना है। डॉ मुकेश गाजीपुर के युवाओं में गहरी पैठ रखते हैं। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले डॉ मुकेश का पार्टी छोड़ कर जाना पार्टी के लिए काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का परिणाम है।