बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर! लोकार्पण के बाद पीएम क्रूज यात्रा, बनारसी व्यंजन के आनंद के साथ पंगत में बैठकर करेंगे भोजन

अन्य दर्जनों कार्यक्रम में करेंगे शिरकत, बाबा विश्वनाथ का मां गंगा के जल से करेंगे जलाभिषेक

प्रखर वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बार की काशी यात्रा कई तरीके से ऐतिहासिक होने वाली है। 13 दिसंबर को पीएम मोदी काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने काशी आएंगे। इसके लिए घाट से गलियां और मंदिर से लेकर मढ़ियां तक रंगबिरंगी रोशनी से सजाई गई हैं. हर घर में मिठाई बांटी जाएगी। इन तैयारियों के बीच काशी से जुड़े बुनकर और शिल्पियों ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए तीन खास तोहफे तैयार किए हैं। ये तोहफे जीआई रजिस्टर्ड तो हैं ही, रंग रूप और बनावट के मामले में अनूठे भी हैं। इस दफे पीएम मोदी दो बार गंगा यात्रा करेंगे, वह भी अलग अलग क्रूज से। एक बार अलकनंदा क्रूज से पीएम मोदी गंगा यात्रा करेंगे तो दूसरी बार रोरो से। पीएम मोदी ने ही काशी को क्रूज के साथ रोरो का तोहफा दिया था. इस बार उसी तोहफे से खुद पीएम मोदी गंगा आरती के साथ घाटों का सौंदर्य निहारेंगे। मेटल रिपोजी क्राफ्ट के हुनर से इस तैयार किया गया है. इसे शिल्पी विजय कसेरा, अनिल कुमार और रमेश कुमार ने तैयार किया है. ये तीनों वही कारीगर और शिल्पी हैं, जिन्होंने शिवम केसरी के साथ मिलकर केदारनाथ में भी रिपोजी क्राफ्ट का हुनर बिखेरा है। लल्लापुरा के मुमताज अली ने जरदोजी पर रुद्राक्ष के दानें पिरोते हुए रेशम और जरी के धागों से काशी विश्वनाथ धाम लिखा अंगवस्त्रम तैयार किया है. पीएम मोदी जब गंगा के रास्ते शिव के धाम पहुंचेंगे, तो ये अंगवस्त्रम उनके गले की शोभा बढ़ाएं, ऐसा चाहते हैं मुमताज अली। रामकटोरा निवासी चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा है ने वूड कारविंग से खास तरीके का कमल बनाया है। कमल के अंदर शिवलिंग स्थापित है। नीचे दिए गए बटन को घुमाने से कमल की पंखुड़ियां खुलती हैं और शिवलिंग दिखाई देता है। जीआई विशेषज्ञ पदमश्री प्रो रजनीकांत ने बताया कि ये तीनों तोहफे सीएम योगी को प्रशासन के जरिए सीएम योगी को सौंपे जाएंगे. सीएम योगी काशी आगमन पर पीएम मोदी को ये तोहफे भेंट करेंगे। पूजा के बाद लंच और डिनर दोनों में गुजराती के साथ बनारसी खानपान शामिल होगा। डिनर के दौरान पीएम मोदी के साथ देश के सभी भाजपाशासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम भी अपने परिवार के साथ रहेंगे। पहली गंगा यात्रा पीएम मोदी सुबह क्रूज से करेंगे। खिड़किया घाट से पीएम मोदी क्रूज पर सवार होकर ललिता घाट पहुंचेंगे। ललिता घाट से गंगाजल लेकर पैदल पीएम मोदी बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचेंगे। पूजा अर्चना, लोकार्पण और संतों-विभूतियों को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी वापस क्रूज से रविदास घाट पहुंचेंगे। इस दौरान पीएम मोदी को सर्दियों की बनारसी मिठाई मलइयो पेश की जाएगी। मलइयो के साथ गुजराती खिचड़ी और कढ़ी होगी। यहां से पीएम मोदी बरेका जाकर कुछ देर विश्राम करेंगे और वहां मौजूद संगठन के बड़े नेताओं से चर्चा करेंगे। पीएम मोदी वापस रविदास घाट पहुंचेंगे और इस बार वो रो रो पर सवार होंगे। उनके साथ सभी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ शामिल होंगे। गंगा आरती देखने के बाद पीएम मोदी घाट दर्शन करेंगे। घाट दर्शन के दौरान पीएम मोदी बनारसी कचौड़ी, चाट, गुजराती सब्जी, खिचड़ी खाएंगे।
बतादे कि काशी विश्वनाथ धाम रंग-बिरंगी झालरों, फसाड लाइटों व माला-फूल से सजाया जाने लगा है। इसके लिए चार टीमें लगायी गयी हैं। धाम निर्माण में शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए कर्मचारी व मजदूर लगे रहे।
एसपीजी की एक टीम शनिवार को दिनभर धाम में रही। टीम से सबसे पहले गंगा किनारे बचे कार्यों की प्रगति देखी। इसके बाद एक-एक भवन को परखा। मंदिर चौक व परिसर की व्यवस्थाएं जानी। दोपहर करीब 2 बजे गर्भगृह में एसपीजी ने दर्शन-पूजन का रिहर्सल कराया।  पीएम के तौर पर मंदिर न्यास के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को अर्चक श्रीकांत शर्मा ने दो ब्राह्मणों का नेतृत्व करते हुए 15 मिनट तक पूजन कराया। इसके बाद एसपीजी की टीम ने पूजन की विधि, प्रक्रिया, सामानों, ब्राह्मणों का नाम आदि का ब्योरा लिखा। बैठने के क्रम पर चर्चा की। विश्वनाथ धाम में आदि शंकराचार्य, अहिल्याबाई, भारत माता और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को शनिवार रात तक लगा दिया गया। भारत माता की प्रतिमा के साथ ही उनके पीछे नक्शा भी लगाया जाएगा। इसके लिए बकायदा विशेषज्ञों की टीम लगी रही। घाट से धाम जाते समय सबसे पहले कार्तिकेय, इसके बाद भारत माता और फिर अहिल्याबाई की प्रतिमा लगी है। अंत में आदिशंकराचार्य की प्रतिमा है। प्रधानमंत्री को बाबा के दरबार में जाने के लिए मंदिर चौक की सीढ़ियां नहीं उतरनी पड़ेगी। उनके लिए बकायदा रैंप बनाया जा रहा है। रैंप के ऊपर शेड भी लगाया गया है।