ग़ाज़ीपुर- बालगृह में भोजन की गुणवत्ता मानक के खिलाफ

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। आश्रय गृहों के निरीक्षण के लिए गठित की गयी समिति के अध्यक्ष विष्णु चन्द्र वैश्य, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो न्यायालय, कक्ष सं0-1, गाजीपुर, सदस्या कामायनी दूबे, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर एवं सदस्य विनायक सोमवंशी, नवसृजित न्यायालय अपर सिविल जज चतुर्थ द्वारा संरक्षण गृहों का निरीक्षण एवं शिविर का आयोजन किया गया। स्व. शिवपूजन पाठक बालगृह स्तीपुर, सैदपुर जो सैदपुर सादात रोड से लगभग 3 किमी. अन्दर अवस्थित है। बालगृह में उपस्थिति पंजिका के अनुसार कर्मचारी कार्यरत मिले। संस्था में आवासित बालिकाओं की संख्या उपस्थिति पंजिका के अनुसार उपस्थित रही। बालिकाओं की सुरक्षा हेतु विशेष प्रबंध होना चाहिए, जबकि सुरक्षा हेतु किये गये प्रबंध पर्याप्त नही है। समिति द्वारा अधीक्षिका को उनकी उदासीनता के प्रति रोष व्यक्त किया गया एवं आवश्यक कार्यवाही करने हेतु दिशा-निर्देश दिया गया। पं. भोलानाथ मिश्र, बालगृह (बालक) बड़गांव, मखदूपुर, सैदपुर के उपस्थिति पंजिका के अनुसार कर्मचारी कार्यरत मिले। संस्था में आवासित बालकों की संख्या उपस्थिति पंजिका के अनुसार उपस्थित रहे। समिति द्वारा सम्बंधित बालगृह (बालक) अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे बच्चों के भोजन की गुणवत्ता तथा अन्दर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करते हुए बालगृह में दवा की उपलब्धता, सैनिटाइजेशन एवं कोविड-19 की जांच के संबंध में जानकारी ली। समिति द्वारा किये गये निरीक्षण में भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं पायी गयी एवं भोजन की मात्रा उपस्थित बालको की तुलना में कम पायी गयी, जिसके सुधार हेतु निर्देशित किया गया। समिति द्वारा निर्देशित किया गया कि प्रत्येक दशा में मास्क का प्रयोग एवं मास्क उपलब्ध करायें। समिति द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि साफ-सफाई कराना सुनिश्चित करें। किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। समिति के द्वारा बताया गया कि हर बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। यथा संभव हर बच्चे को उच्च शिक्षा दिलवाए, विद्यालयों में अनुशासन बच्चों के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने वाला न हो। शिक्षा बच्चों के ऐसे जीवन के लिए तैयार करे जो उसमें समझ, शान्ति एवं सहनशीलता विकसित करे। बच्चों के सम्पूर्ण विकास में खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों, विज्ञान का बड़ा हाथ होता है। इसलिए हर बच्चे को छुट्टी, खेलकूद तथा कलात्मक, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है। बच्चों के अधिकार जिन्हें देकर हम बच्चों का जीवन संवार सकते है। बच्चों के अधिकारों से संबंधित घोषणा पत्र अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकारों के कानून में सबसे अधिक स्पष्ट व वृहद है। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर का निरीक्षण किया गया। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर में अधिकारी/कर्मचारीगण के रूप में कर्मचारी कार्यरत है तथा आवासित किशोर उपस्थिति पंजिका के अनुसार उपस्थित पाये गये। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर को निर्देशित किया गया कि शौचालय में साफ-सफाई एवं हार्पिक, साबुन, हैण्डवाश, मच्छरों के लिए छिड़काव आदि की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। वन स्टाप सेंटर, सरकारी हास्पिटल, गोराबाजार, गाजीपुर का निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका के अनुसार कर्मचारीगण उपस्थित पायी गयी तथा वन स्टाप सेंटर, सरकारी हास्पिटल, गोराबाजार, गाजीपुर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षकर्मी/होमगार्ड उपस्थित थें। मुख्य द्वार, परामर्श कक्ष, हाल, बाथरूम एवं शौचालय में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था के लिए समिति द्वारा प्रभारी सेंटर मैंनेजर को निर्देशित किया गया। वन स्टाप सेंटर, सरकारी हास्पिटल, गोराबाजार, गाजीपुर में रिर्पोटिंग चौकी, महिला थाना द्वारा महिला पुलिस कांस्टेबल पोस्टिंग हैं।