दुष्कर्म मामले में घोसी सांसद अतुल राय बाईज्जत बरी


प्रखर वाराणसी। मऊ जनपद के घोषी से बसपा सांसद अतुल राय को लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में कोर्ट से बाईज्जत बरी हो गए। अतुल राय के वकील अनुज यादव और वादी के वकील एडीजीसी ज्योति शंकर ने पुष्टि की है। बतादे कि वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आज सांसद के खिलाफ चल रहे दुराचार के केस में फैसला सुनाया है। अतुल राय के खिलाफ दुराचार का मामला 2019 से चल रहा था। अतुल राय नैनी जेल में बंद है। छात्रा के संग दुष्कर्म के मुकदमे में घोसी सांसद अतुल राय को अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत ने शनिवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। सांसद के वकील अनुज यादव के अनुसार अदालत ने इस मामले में पीड़िता के बयान को विश्वसनीय नहीं माना है। घटना साबित नहीं हो सकी। घटना स्थल को लेकर भी पीड़िता की ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया जा सका। अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म, फर्जीवाड़ा, धमकी देना और आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। सभी में उन्हें अदालत ने बरी कर दिया है। लोकसभा चुनाव के प्रचार के बीच 1 मई 2019 के दिन लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मूल रूप से बलिया जिले की रहने वाली यूपी कालेज की पूर्व छात्रा ने 1 मई 2019 लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। अतुल राय अभी प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं। तहरीर में लिखा था कि वाराणसी में पढ़ाई के दौरान अतुल राय से उसका परिचय हुआ। मार्च 2018 में अतुल उसे अपनी पत्नी से मिलवाने की बात कह कर चितईपुर स्थित फ्लैट में ले गए। मगर, वहां कोई नहीं था। उसी दौरान उन्होंने उसके साथ दुराचार किया। उसकी फोटो खींची और वीडियो भी बना लिया। इसके बाद ब्लैकमेल कर दुराचार करने लगे। विरोध करने पर जान से मारने धमकी देते थे। 22 जून 2019 को अतुल ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तब से वह जेल में ही हैं।आरोप लगाने वाली और उसके गवाह ने दिल्ली के सुप्रीम के सामने आत्मदाह कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया था।