23 आईआईटी में खाली रह गई 442 सीटें, सर्वाधिक 365 बीएचयू में ही!

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प्रखर एजेन्सी/डेस्क। देश के शीर्ष संस्थान आईआईटी में सैकड़ों सीटें खाली रह गईं। यह खुलासा आईआईटी खड़गपुर ने एक रिपोर्ट में किया है। इसके मुताबिक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, गुवाहाटी और हैदराबाद की सभी सीटें फुल रहीं। आईआईटी कानपुर और बांबे की एक-एक सीट खाली रह गई थी। सबसे खराब स्थिति आईआईटी बीएचयू की थी, जहां 365 सीटों पर छात्रों ने दाखिला ही नहीं लिया। यह रिपोर्ट वर्ष 2021 की है। जेईई एडवांस्ड आयोजित कर दाखिले की प्रक्रिया खड़गपुर ने कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक देश की सभी 23 आईआईटी में जेईई एडवांस्ड की रैंक के अनुसार छह काउंसिलिंग के आधार पर पिछले साल दाखिला हुआ। कुल 16,296 सीटों पर 15854 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिए। ऐसे में 442 सीटें खाली रह गईं। रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर में कुल 1214 सीटों पर दाखिला होना था और 1213 सीटों पर प्रवेश लिया गया। आईआईटी कानपुर में पिछले वर्ष प्रवेश लेने वाली लड़कियों की संख्या मानक के अनुसार रही। सरकार का प्रयास है कि आईआईटी में 20 फीसदी छात्राओं का दाखिला लिया जाए। इसके लिए सुपरन्यूमेररी सीट भी निर्धारित की गई हैं। पिछले साल कानपुर में 246 छात्राओं ने प्रवेश लिया, जो 20.26 फीसदी था। वहीं सभी आईआईटी में 3213 छात्राओं ने प्रवेश लिए, जो 19.71 फीसदी रहा। सबसे कम प्रवेश आईआईटी पटना में हुआ, जहां सिर्फ 16.61 फीसदी छात्राओं ने दाखिला लिया। सबसे अधिक आईआईटी पल्लकड़ में 21.30 फीसदी छात्राओं ने प्रवेश लिया।
आंकड़ों पर नजर डालें तो
आईआईटी कुल सीट प्रवेश
बांबे 1374 1373
दिल्ली 1215 1215
मद्रास 1150 1148
कानपुर 1214 1213
गुवाहाटी 924 924
खड़गपुर 1873 1869
रूड़की 1353 1348
वाराणसी 1590 1225
पटना 548 541