भ्रष्टाचारियों ने बाबा विश्वनाथ को भी नहीं छोड़ा! 3 लिपिकों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच करेंगे डीएम

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प्रखर वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के तीन लिपिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। मंडलायुक्त ने इस मामले में डीएम को जांच अधिकारी नामित करते हुए स्वयं प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया है। तीनों लिपिकों पर भ्रष्टाचार के साथ ही पत्रावलियों में हेरफेर, वित्तीय अनियमितता और अपने कार्य में रुचि नहीं लेने की शिकायतें मिली थीं। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास में काम करने वाले लिपिक अरुण कुमार मिश्र, कंप्यूटर सहायक शिवभूषण द्विवेदी और लिपिक संजय चतुर्वेदी के खिलाफ जांच का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इस मामले में आम जनता से भी अपील की है कि वह कैंप कार्यालय में संपर्क करके इस मामले से जुड़े साक्ष्य और जानकारियां दे सकते हैं। इसकी जानकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भी भेज दी गई है। तीनों लिपिकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, वित्तीय दायित्वों का नाजायज लाभ उठाकर धनराशि की हेराफेरी करना, महत्वपूर्ण पत्रावलियों को गायब करना, परिचित यजमानों को दर्शन कराना और कार्यालय समयावधि में मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर लोगों को दर्शन कराने की शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा तीनों पर मंदिर के बाहरी व्यक्तियों के नाम से मंदिर के कंप्यूटर पर शिकायतें टाइप करना और मंदिर व न्यास की प्रतिष्ठा के खिलाफ काम करने का भी आरोप है। बता दें कि कंप्यूटर सहायक शिवभूषण द्विवेदी पर श्री काशी विश्वनाथ के नाम पर आने वाले मनीआर्डर में गड़बड़ी के आरोप में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इसको निलंबित कर दिया था और पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि तीनों कर्मचारियों के खिलाफ सार्वजनिक साक्ष्य संकलन करना आवश्यक है । इसलिए सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि तीनों कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े कोई भी साक्ष्य देना चाहते हैं तो बंद लिफाफे में 23 सितंबर तक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में दे सकते हैं।