ई- बस का कंप्रेसर फटा मैकेनिक के उड़े चीथड़े दो गंभीर

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प्रखर बरेली। रामपुर रोड स्थित स्वालेनगर चार्जिंग स्टेशन पर ई-बस में गैस भरते वक्त एसी का कंप्रेशर फटने से मैकेनिक की मौत हो गई, जबकि दो कर्मचारी गंभीर घायल हो गए। डीएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11:30 बजे हुए हादसे में संजयनगर के अशोक विहार निवासी मैकेनिक विजय कुमार (32) की मौके पर ही मौत हुई। जबकि फतेहगंज पूर्वी निवासी टेक्नीशियन नरेंद्र और बिहार के रहने वाले सर्विस इंजीनियर बबलू गंभीर घायल हो गए। दोनों को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी, एसएसपी अखिलेश चौरसिया समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। घटना की क्या वजह रही, डीएम ने इसकी जांच शुरू करा दी है। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में अपर निदेशक (कारखाना), मुख्य अग्निशमन अधिकारी और नगर आयुक्त शामिल किए गए हैं। डीएम ने कहा कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। धमाका इतना जबर्दस्त था कि मैकेनिक के शरीर के चीथड़े उड़ गए। घटना के बाद किला पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने कपड़े से जगह-जगह पड़े मृतक के अंगों को ढंका। ई-बस चार्जिंग स्टेशन में बस के एसी का कंप्रेशर फटने से हुए जोरदार धमाके से आसपास मौजूद लोग दहल गए। धमाके के साथ ही बस की छत पर बैठकर काम कर रहे मैकेनिक विजय करीब 50 फुट हवा में उछलकर जमीन पर गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर चार्जिंग स्टेशन पर अन्य लोगों होते तो वे भी चपेट में आ सकते थे। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रही 15 इलेक्ट्रिक बसों में से एक बस का बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे मैकेनिक विजय कुमार छत पर चढ़कर एसी की मरम्मत कर रहे थे। उनके साथ में टेक्नीशियन नरेंद्र और सर्विस इंजीनियर बबलू भी थे। एसी का कंप्रेशर रिपेयर करने के बाद बस की छत पर ही बैठकर विजय, नरेंद्र और बबलू गैस भर रहे थे। तभी अचानक कंप्रेशर फट गया और विजय कई फुट हवा में उछलकर जमीन पर जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई, जबकि विजय से थोड़ी दूर पर मौजूद नरेंद्र और बबलू साइड से नीचे गिर गए। प्रत्यक्षदर्शी कमल यादव के मुताबिक वह शहर से फतेहगंज पश्चिमी किसी काम से जा रहे थे। चार्जिंग स्टेशन के सामने पहुंचे तभी तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने उस तरफ देखा तो एक व्यक्ति हवा में उछलकर नीचे गिर रहा था। लोगों का कहना था कि धमका इतना तेज था कि ऐसा लग रहा था कि अगर थोड़ा और पास होते तो कान के पर्दे फट जाते। घटनास्थल पर जगह-जगह सेफ्टी हेलमेट समेत कई लोहे के पुर्जे पड़े थे। जगह-जगह पड़ा खून और मृतक के अंग हादसे की भयावहता बता रहे थे। घटना के बाद किला पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने कपड़े से जगह-जगह पड़े मृतक के अंगों को ढका। पुलिस ने विजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।जांच में पता चला है कि चार्जिंग के दौरान ही बस के एसी में खराबी की जानकारी हुई, इसके बाद ही टेक्नीशियन, सर्विस इंजीनियर और मैकेनिक को बुलाया गया। तीनों ने काम शुरू करने से पहले बस की चार्जिंग बंद कर दी थी लेकिन किसी ने चार्जिंग फिर खोल दी, जिससे हादसा हो गया। हालांकि इस बात की जिला और पुलिस प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है।