चूहे की हत्या के जुर्म में पीएम के बाद युवक पर एफआईआर दर्ज

प्रखर बदायूं/एजेन्सी। प्रदेश के बदायूं में अपराध का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां चूहे की हत्या के मामले में बात थाने तक जा पहुंची और पहली एफआईआर बदायूं में आखिरकार दर्ज हो ही गई है. दरअसल सदर कोतवाली क्षेत्र के पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने 24 नवंबर को पुलिस को इस घटना को लेकर तहरीर दी थी. पशु प्रेमी विकेंद्र ने तहरीर में बताया था कि मनोज कुमार द्वारा चूहे को मौत के घाट उतारने के लिए पत्थर से बांधकर बहते हुए नाले में छोड़ दिया था, जिसका उसने वीडियो बना लिया और जब उससे मना किया तो वो लड़ाई पर उतारू हो गया. चूहे को मारने वाला कहने लगा कि मैं ऐसा ही करूंगा, जिसके बाद पशु प्रेमी ने शिकायत की थी और 25 नवंबर को सदर कोतवाली पुलिस ने चूहे का पोस्टमार्टम बरेली के अस्पताल में कराया था. चूहे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आई नहीं है. सदर कोतवाली पुलिस ने पशु क्रूरता की अधिनियम के तहत 429,11(1) (1) मामला दर्ज किया है. चूहे का 25 नवंबर को पोस्टमार्टम हुआ था, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है. इसमें तीन अलग-अलग जगह की रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता चल पाएगा. पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने चूहे का पोस्टमार्टम कराया था. रविवार 27 नवंबर को सदर कोतवाली क्षेत्र के मनोज कुमार के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम 429,11(1) (1) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था. पशु प्रेमी विकेंद शर्मा ने बताया था कि जब वो पनवाड़ी मोहल्ले से गुजर रहा था तो मोहल्ले के मनोज कुमार एक चूहे को नाले में डुबो रहे थे. उन्होंने चूहे को मौत के घाट उतारने के उद्देश्य से उसकी पूछ में पत्थर से बांधकर बहते हुए नाले में छोड़ दिया था. उन्होंने उस चूहे को नाले से निकाला लेकिन थोड़ी देर बाद चूहे की मौत हो गई. इस पूरी घटना की पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने अपने मोबाइल में वीडियो भी बना लिया, जिसकी एक तहरीर पशु प्रेमी ने सदर कोतवाली पुलिस को दी थी. मामले की जांच सदर कोतवाली पुलिस कर रही थी. पशु प्रेमी का कहना है कि अगर पुलिस मामला दर्ज नहीं करती है तो वह कोर्ट का भी सहारा लेंगे।