डीएम के आदेश के बाद भी खुला एचएस एकैडमी, देव इंटरनेशनल स्कूल की बस में आमने- सामने टक्कर, कई बच्चे गंभीर

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प्रखर वाराणसी/ जौनपुर। कड़ाके की ठंड में वाराणसी जिलाधिकारी ने आदेश दिया था कि 30 व 31 दिसंबर को विद्यालय बंद रहेंगे। लेकिन वाराणसी जिलाधिकारी के आदेश आदेश की अवहेलना करते हुए चोलापुर क्षेत्र में स्थित एसएस एकैडमी ने विद्यालय खोला बच्चों को लेने जा रहे जौनपुर की तरफ गए दूसरी तरफ से जौनपुर जिले के केराकत तहसील के बेहडा के समीप विद्यालय देव इंटरनेशनल स्कूल की बस आ रही थी। दोनों बस की टक्कर चंदवक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा भैसा के समीप हो गई। जिसमें कई बच्चे घायल हो गए, जिसमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना घने कोहरे के कारण हुई। बड़ा सवाल यह है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी आखिर एच एस एकेडमी ने विद्यालय क्यों खोला यह गंभीर विषय है? देखना है वाराणसी जिला अधिकारी उक्त मामले में विद्यालय पर किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं।
मामले के बाबत जब एचएस एकेडमी के प्रिंसिपल से बात की गई तो पहले तो उन्होंने मामले से ही पल्ला झाड़ लिया, बाद में सवाल करने पर दुर्घटना की बात स्वीकारी लेकिन कहा कि बच्चे सिर्फ 8वी के ऊपर के थे। वही दूसरी तरफ जब देव इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने दुर्घटना की बात स्वीकारी लेकिन किसी के घायल होने की बात को सिरे से नकार दिया। वही वीडियो व फोटो आमने सामने टक्कर में दोनो विद्यालयों की बसों के आगे का हिस्सा बुरी तरह छतिग्रस्त साफ तौर पर दिख रहा है, साथ ही वीडियो में घायल साफ दिख रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस दुर्घटना में बच्चे या फिर ड्राइवर- खलासी घायल नही हुए, यह भी सोचने का विषय है। लेकिन दोनो विद्यालयों के प्रबंधनों की बातो में भी काफी भेद रहा। वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों विद्यालयों के बच्चे व घायल शिक्षकों को चोलापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया, जहां से पता चला कि देव इंटरनेशनल स्कूल के आधा दर्जन के करीब शिक्षक व एच एस एकेडमी के कुछ शिक्षक सहित आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल थे। जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर में कराया गया। अब बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चों व शिक्षकों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया तो एक विद्यालय के प्रबंधक और दूसरे विद्यालय के प्रधानाचार्य ने दुर्घटना में घायल होने की बात क्यों नहीं स्वीकारी, अब यह जांच का विषय है?