“एकनाथ” की हुई शिवसेना

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चुनाव आयोग ने शिवसेना नाम व चुनाव चिन्ह तीर- कमान शिंदे गुट को दिया

प्रखर डेस्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब शिवसेना के प्रमुख हो चुके हैं। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को तगड़ा झटका देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी है। आयोग ने शुक्रवार को पार्टी का नाम शिवसेना और चुनाव चिन्ह तीर कमान शिंदे गुट के पास बरकरार रहने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल सा आ गया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। उद्धव ठाकरे ने कहा पार्टी की चोरी शिंदे को हजम नहीं होगी और यह लोकतंत्र की हत्या है। वही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कार्यकर्ताओं सांसद और विधायक को जनप्रतिनिधियों और लाखों शिवसैनिकों समेत बाला साहब व आनंद दिघे की विचारधाराओं की जीत है और यह लोकतंत्र की जीत है। पिछले साल हुई बगावत के बाद पार्टी पर कब्जा जमाने के लिए शिंदे व ठाकरे गुट आमने-सामने था। आगे आयोग ने कहा कि शिंदे गुटका समर्थन करने वाले विधायकों ने कुल 4382440 मत में से 3657327 वोट हासिल किए यानी पार्टी के जीते 55 विधायकों के पक्ष में पड़े वोटों का यह 76 फ़ीसदी मत है। वही दिल 15 विधायकों का उद्धव ठाकरे ने दावा किया उन्हें 1125113 वोट ही मिले। जीत हासिल करने वाले 55 विधायकों के पक्ष में पड़े वोटों का मात्र 23.5 फ़ीसदी ही है। आयोग ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना के पक्ष में पड़े कुल वोट (हारने वाले उम्मीदवारों के साथ) 9049789 में से शिंदे गुटका समर्थन करने वाले 40 विधायकों के पक्ष में 40 % जबकि उद्धव ठाकरे के 15 विधायकों के पक्ष में 12% वोट ही आते हैं। जिससे अब शिवसेना शिंदे गुट की ही रहेगी।