निर्माणाधीन बिल्डिंग पर ठेकेदार ने पैसे के विवाद में मजदूर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट!


प्रखर वाराणसी। वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में कचहरी चौराहे के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग में गुरुवार सुबह मुख्य ठेकेदार और श्रमिकों के ठेकेदार में विवाद हो गया। श्रमिक ने ठेकेदार से पहले के बकाया 50 हजार रुपए मांग दिए, रुपए नहीं देने पर मकान का काम आगे नहीं बढ़ाने की चेतावनी दी।
श्रमिकों की चेतावनी से ठेकेदार को गुस्सा आ गया। उसने बल्ली से युवक के सिर में हमला कर दिया। कई प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर मौके से फरार हो गया। श्रमिक घायल को अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। कैंट क्षेत्र के कचहरी चौराहे के पास संजय सिंह नए भवन का निर्माण करा रहा हैं। संजय ने श्रमिकों समेत पूरे मकान का काम मंडुवाडीह निवासी ठेकेदार सोहराबुद्दीन को दे रखा है। उसने इस काम को एक श्रमिक ठेकेदार बाबतपुर निवासी इजहार अहमद उर्फ बाबर को दिया है। बिल्डिंग में प्रतिदिन 15-20 मजदूर की मांग रखी। पिछले एक महीने से मकान निर्माण में बड़ी संख्या में श्रमिकों को लगाया गया है। गुरुवार की सुबह तीसरे तल की ढलाई का काम समाप्त होने के बाद सोहराबुद्दीन मकान पर पहुंचा, तो बाबतपुर निवासी इजहार अहमद उर्फ बाबर (35) ने ठेकेदार से श्रमिकों का पिछला बकाया देने की मांग की। पिछले काम का बकाया 50 हजार रुपए देने पर ही काम करने की चेतावनी दी। इस दौरान उन दोनों के बीच काफी बहस हो गई।ढ़लाई का काम करने वाले मिस्त्री अलाउद्दीन शेख और दिनेश मिस्त्री ने दोनों को बीच बचाव कर अलग किया लेकिन कुछ देर बाद दोनों फिर झगड़ गए। ढ़लाई हुई छत पर एक दूसरे पर आरोप लगाकर गाली गलौज देने लगे।
पहले आक्रोशित ठेकेदार ने श्रमिक बाबर को गाली-गलौज किया। उसने भी जवाब में गालियां दी। दोनों में विवाद शुरू हो गया। इसी बीच ठेकेदार ने युवक पर बांस बल्ली से हमला कर दिया। उसके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।सोहराबुद्दीन के प्रहार में बाबर लहुलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद वह मौके से भाग निकला। साथी मजदूरों की मदद से बाबर को कबीरचौरा हॉस्पिटल में लाया गया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने श्रमिकों से मामले की जानकारी ली और शव को कब्जे में लिया है। घटना की जानकारी पाकर मृतक बाबर के मोबाइल पर उसके मौसेरे भाई नूर आलम का फोन आया और साथी मजदूरों ने घटना की सूचना मृतक के मौसेरे भाई नूर आलम को दी। उसने परिजनों को बाबर पर हुए हमले के बारे में बताया और सभी को लेकर कबीरचौरा अस्पताल पहुंचा। निर्माणाधीन भवन की छत पर श्रमिक ठेकेदार की हत्या के बाद ठेकेदार ने साक्ष्य मिटाने के प्रयास किया। उसने छत पर बिखरे खून को पहले धुला, फिर सीमेंट लगाकर उसे छिपाया। फॉरेंसिक टीम ने जांच के दौरान छत पर नए सीमेंट लेप को पाया। इसके अलावा मौके से शराब की शीशी भी बरामद की। ठेकेदार ने अपना फोन बंद कर रखा है। जिसकी तलाश में उसके घर दबिश दी गई। हमलावर का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।