निर्भया के दोषियों को होगी 22 को फांसी

0
108
prakhar purvanchal
prakhar purvanchal

– निर्भया के मां-बाप ने कहा उनका संघर्ष खत्म

-22 जनवरी को सुबह 7 बजे चारों आरोपियों को फांसी

प्रखर वाराणसी। पूर्वांचल के बलिया की रहने वाली बेटी के साथ दिल्ली में हुई अमानवीय घटना के बाद पूरे देश में कोहराम मच गया था। जब उसके साथ दिल्ली के 5 दरिंदों ने चलती बस में वहशियाना हरकत करते हुए मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद देश में आए गुस्से के उभार में इन सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। लेकिन 8 साल तक चले कानूनी प्रक्रिया में लगातार दांवपेच लगते रहे। लेकिन आखिरकार देश ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हुए इंतजार किया और आखिरकार देश के सामने वह घड़ी आ ही गई जब इन चारों दोषियों को फांसी की सजा दी जाएगी । बता दें कि दिल्ली की पटियाला विशेष कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए इन चारों चारों दोषियों के डेथ वारंट की तारीख तय कर दी है ।इन्हें 22 जनवरी की सुबह फांसी के तख्ते पर लटका दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इकलौते चश्मदीद के खिलाफ झूठी गवाही देने के आरोप में एफआईआर से जुड़ी उनकी मांग को पाटियाल कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब निर्भया गैंगरेप मामले में फांसी की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक दोषी के पिता की फांसी को टालने की कोशिश बेकार हो गई है। बतादें कि इन दरिंदों के लिए बिहार के बक्सर से आया है फांसी का फंदा जो तिहाड़ जेल में तैयार है। मेरठ का जल्लाद भी तैयार है। पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई निर्भया कांड के दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया गया है। 22 जनवरी सुबह सात बजे फांसी होगी। दोषियों को 14 दिन का समय मिला है। मुकेश, पवन, अक्षय और विनय को फांसी होगी। दोषियों के वकील ने कहा कि वह क्यूरेटिव याचिका दायर करंगे। दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप हुआ था और दोषियों ने उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की थी। छात्रा ने 29 दिसंबर 2012 को दम तोड़ दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोषी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई थी। एक अन्य दोषी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। बतादें कि 16 दिसंबर 2012 को 23 वर्षीय फ़ीज़ियोथेरेपी की छात्रा के साथ चलती बस में छह लोगों ने गैंगरेप किया। छात्रा के पुरुष मित्र को बुरी तरह पीटा गया और दोनों को सड़क किनारे फेंक दिया गया था। गैंगरेप से बुरी तरह घायल पीड़िता की मौत सिंगापुर में हो गई थी जिसका शव 29 दिसंबर को दिल्ली लाया गया था। इस मामले में 17 दिसंबर 2012 को इस कांड के मुख्य अभियुक्त और बस ड्राइवर राम सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया था। अगले कुछ दिनों में उनके भाई मुकेश सिंह, जिम इंस्ट्रक्टर विनय शर्मा, फल बेचने वाले पवन गुप्ता, बस के हेल्पर अक्षय कुमार सिंह और एक 17 वर्षीय नाबालिग को गिरफ़्तार किया गया था। तमाम कानूनी दांवपेच के बाद आखिरकार इनके मौत पर कोर्ट ने मुहर लगा दी है। बता दें कि इस मामले में एक दोषी को नाबालिक होने की वजह से कोर्ट ने छोड़ दिया है ।जबकि एक व्यक्ति की जेल में ही मौत हो गई थी। इस प्रकार इस मामले के सभी छह दोषियों में से चार की सजा मुकर्रर कर दी गई है। जिन्हें 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी के तख्ते से लटका दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here