19 वर्षीय अवनि ने रचा इतिहास, दो पैरालंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनीं

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प्रखर टोक्यो/एजेंसी। भारत की गोल्डन गर्ल अवनि लेखरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल की पी-3 एसएच-1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रांन्ज मेडल पर निशाना साधा। अवनि ने 445.9 का स्कोर करते हुए पदक पर कब्जा करने में सफल रहीं। टोक्यो पैरालंपिक में अवनि का यह दूसरा पदक है। इससे पहले वह गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वह भारत की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने एक पैरालंपिक में दो मेडल जीते है। उनसे पहले  जोगिंदर सिंह सोढ़ी इन खेलों के एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। अवनि लेखरा ने इससे पहले इसी पैरालंपिक में 30 अगस्त को 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच-1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। अवनि ने 21 निशानेबाजों में सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में क्वालीफाई किया था। अवनि ने स्वर्ण पदक मुकाबले में 60 सीरीज के छह शॉट के बाद 621.7 का स्कोर बनाया जो शीर्ष आठ निशानेबाजों ने सर्वश्रेष्ठ था। वहीं कांस्य पदक जीतने के बाद अवनि लेखरा ने कहा, मुझे बहुत खुशी हो रही है। इसपर विश्वास नहीं हो रहा है। पूरे भारत का बहुत सपोर्ट रहा है। पूरी भारतीय टीम, कोच और स्टाफ  की आभारी हूं। टोक्यो पैरालंपिक में अवनि लेखरा के कांस्य पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर बधाई संदेश में लिखा, टोक्यो पैरालंपिक में अवनि लेखरा के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित अधिक गौरवशाली क्षण, अवनि को कांस्य पदक जीतने पर बधाई, उन्हें भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की कुलपिंग झांग ने जीता जिन्होंने 457.9 का स्कोर किया। जर्मनी की नतास्चा हिलट्रोप ने 457.1 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। कुल मिलाकर भारत ने दिन का दूसरा पदक अपने नाम किया। अवनि से पहले प्रवीण कुमार ने पुरुष ऊंची कूद टी-64 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था। भारत टोक्यो पैरालंपिक में अब तक 12 पदक जीत चुका है जिनमें दो स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। फिलहाल भारत पदक तालिका में 36वें स्थान पर बरकरार है।