समाजवादी इत्र वाले के यहां आयकर का छापा 150 करोड़ कैश सहित 800 करोड़ की अघोषित संपत्ति मिली


प्रखर डेस्क। आयकर विभाग के अधिकारियों ने गुरूवार को एक इत्र कारोबारी के कानपुर और कन्नौज स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर में जूही क्षेत्र के आनंदपुरी कालोनी स्थित आवास के अलावा कन्नौज में स्थित अन्य प्रतिष्ठानो पर छापेमारी की। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है। बता दें कि कुछ माह पूर्व समाजवादी इत्र नाम से एक प्रोडक्ट भी लांच किया था। बताया जा रहा है कि छापे की यह कार्रवाई कानपुर से बाहर की आयकर टीम ने की है। अभी तक इस रेड में विभाग को कुछ अहम दस्तावेजों के साथ करोड़ों रुपये की राशि मिलने की सूचना है। खबरों की मानें तो गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे डीजीजीआई की मुंबई और गुजरात शाखा ने पीयूष जैन के यहां  छापामारी शुरू की। इनकम टैक्स की टीम सबसे पहले करेंसी काउंटिंग मशीन के साथ शहर में पीयूष जैन के आनंदपुरी स्थित आवास पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक इस छापे में करीब 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 150 करोड़ नकद सहित 800 करोड़ की अघोषित संपत्ति की बात सामने आई है। यह टैक्स चोरी मुख्य रूप से शेल कंपनियों के जरिए की गई। आनंदपुरी निवासी पीयूष जैन मूल रूप से कन्नौज के छिपट्टी के रहने वाले हैं। कन्नौज में उनका एक घर, परफ्यूम फैक्ट्री, कोल्ड स्टोर, पेट्रोल पंप भी है। पीयूष जैन का मुंबई में एक घर, हेड ऑफिस और शोरूम भी है। उनकी कंपनियां भी मुंबई में ही पंजीकृत हैं। कानपुर, मुंबई और गुजरात में एक साथ सुबह 11 बजे छापेमारी शुरू हुई। छापेमारी का नेतृत्व मुंबई की एक टीम ने किया और इसकी निगरानी में कानपुर के आयकर अधिकारियों की टीम ने भी छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक- पीयूष जैन की करीब 40 कंपनियां हैं, जिनमें से दो मध्य पूर्व में हैं। वह मुख्य रूप से कन्नौज में अपने आधार के साथ इत्र व्यवसाय में हैं, जबकि समूह का मुंबई में एक शोरूम है, जहां से पूरे देश और विदेशों में इत्र बेचे जाते हैं। छापेमारी के दौरान यह भी पता चला कि कंपनी ने फर्जी कंपनियों के नाम पर कर्ज लिया था। इसके साथ ही कंपनी का विदेशी लेनदेन भी बहुत बड़ा है। अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि यह छापेमारी कर चोरी के संबंध में। आय और कर से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। छापेमारी खत्म होने के बाद ही इस बारे में और कुछ कहा जा सकता है। यह कल सुबह तक समाप्त हो सकती है, इसके बाद ही सटीक आंकड़े सामने आएंगे। कारोबारी के घर पर मिली रकम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभाग को नोट गिनने के लिए चार मशीनें मंगवानी पड़ीं। यह मशीनें देर रात तक उनके आवास पर ही थीं।