अगले साल से यात्रा के लिए जरूरी होगा वैक्‍सीन पासपोर्ट

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प्रखर एजेंसी। दुनिया के कई राष्ट्र कोरोना वायरस के टीके के जरिए इस महामारी को मात देने की सोच रहे हैं, इसलिए अगले वर्ष तक विश्‍व के सामान्य स्थिति में वापसी के लिए उम्मीदें अधिक हैं। कोरोना वायरस रोग (कोविड-19) ने दुनिया भर में 80 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और 1.76 मिलियन मारे गए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार मास्क और सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ एक और नया नियम आने की संभावना है, जोकि वैक्सीन पासपोर्ट होगा। मिली जानकारी के अनुसार, यह एक मोबाइल ऐप होगा, जिसमें किसी भी शख्‍स के कोरोना वायरस टेस्‍ट की जानकारी होगी। इसका प्रयोग कॉन्सर्ट वेन्यू, स्टेडियम, मूवी थिएटर, कार्यालय या यहां तक दूसरे देशों में जाने के लिए एक पासपोर्ट की तरफ होगा। इसे देखते हुए कई कंपनियों ने अब स्मार्टफोन एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर विकसित करना शुरू कर दिया है, जो व्यक्तियों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचनाओं को इनपुट करने में सक्षम बनाएगा। कॉमन ट्रस्ट नेटवर्क – जिनेवा-आधारित नॉट-फॉर-प्रॉफिट की एक पहल, द कॉमन्स प्रोजेक्ट और द वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – ने कॉमनपास ऐप को विकसित करने के लिए कई साझेदारी की है। एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को एक कोविड-19 परीक्षण के परिणामों, पंजीकृत अस्पताल या क्लिनिक द्वारा टीकाकरण के प्रमाण जैसे इनपुट जानकारी की अनुमति देता है। तब एप्लिकेशन कथित तौर पर एक क्यूआर कोड बनाता है, जो प्रमाणित करता है कि उपयोगकर्ता यात्रा करने के लिए सुरक्षित है या नहीं। इसी तरह, आईबीएम भी डिजिटल हेल्थ पास को विकसित करने के काम में कड़ी मेहनत कर रहा है – एक ऐसा ऐप जो कंपनियों या इवेंट आयोजकों को स्थानों, टीकाकरण रिकॉर्ड, तापमान जांच और आरटी-पीसीआर परीक्षा परिणामों जैसे स्थानों में प्रवेश के लिए आवश्यक मानदंडों को अनुमति देता है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी नवंबर में घोषणा की, कि वह प्।ज्। ट्रैवल पास विकसित कर रहा था जोकि डिजिटल हेल्थ पास रिकॉर्डिंग करने वाले यात्रियों की मेडिकल जानकारी के रूप में कार्य करेगा। बतादे कि व्यक्तियों से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे कुछ कंपनियों और प्रौद्योगिकी समूहों द्वारा विकसित किए जा रहे कोविड-19 टीकाकरण का विवरण अपलोड करें और पूछे जाने पर इन डिजिटल क्रेडेंशियल्स का दिखाएं। इसका एक उदाहरण ब्वउउवदच्ंेे ऐप है, जो कॉमन ट्रस्ट नेटवर्क द्वारा बनाया गया है। यह उपयोगकर्ताओं को ब्वअपक-19 परीक्षा परिणाम या टीकाकरण के प्रमाण जैसे मेडिकल डेटा अपलोड करने की अनुमति देता है। इसमें एक क्यूआर कोड के रूप में उत्पन्न होता है, जिसे अधिकारियों को प्रस्तुत किया जा सकता है। आईबीएम ने डिजिटल हेल्थ पास नामक एक ऐप भी विकसित किया है। यह एप्लिकेशन कंपनियों को प्रवेश की उनकी आवश्यकताओं के लिए स्कैन करने की अनुमति देता है, जैसे कोरोना वायरस परीक्षण और तापमान जांच। डब्ल्यूएचओ ने कुछ देशों के सुझाव पर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि वैक्सीन पासपोर्ट का उपयोग व्यक्तियों को उनके कार्यस्थलों या अन्य देशों में प्रवेश की अनुमति देने के लिए किया जाता है।