हम लोग छांटेंगे कि हिंदुस्तान में किसको रहना है और किसे नहीं- पूर्व सांसद व बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल


प्रखर डेस्क। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ- साथ विवादित बयानों का सिलसिला भी जारी है। ताजा मामला पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल का है, जिन्होंने अल्पसंख्यकों को लेकर विवादित बयान दिया है। हरदोई के सदर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को क्षत्रिय समाज के प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘हम लोग छांटेंगे कि हिंदुस्तान में किसको रहना है और किसे नहीं. याद रखना यह काम पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ ही कर सकते हैं. अयोध्या और काशी के बाद मथुरा भी हमारे एजेंडे में है। बतादे कि आयोजित सम्मेलन में पूर्व सांसद अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा, ‘अंग्रेजों ने गोरखा, राजपूत, जाट रेजीमेंट बनाई. मुसलमान रेजीमेंट क्यों नहीं बनाई? उस समय तो हिंदुस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक साथ थे। इस पर कभी विचार किया?’ ‘भोलेनाथ की नगरी को मस्जिद से बिल्कुल अलग कर दिया’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘खबर आई है कि 2023 में भगवान राम को गर्भगृह में बैठाया जाएगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर देख लो, प्रधानमंत्री ने भोलेनाथ की नगरी को उस मस्जिद से बिल्कुल अलग कर दिया और अब सिर्फ बाबा ही बाबा दिखाई देते हैं। अगर हिंदुस्तान में हमारे देवी देवता न स्थापित हो सके तो क्या पाकिस्तान में होंगे। इस सम्मेलन के दौरान भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी की लाल टोपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लाल टोपी लगाकर घूमते हैं और कह रहे हैं कि क्रांतिकारी टोपी है, लेकिन यह टोपी खूनी है। इसमें एक विशेष कौम का खून लगा है, हिंदुस्तान के बहुमत का खून लगा है। उन्होंने पूछा कि भाजपा सरकार में कहीं दंगा हुआ, लखनऊ में कोशिश की गई तो योगी जी ने दंगाइयों के फोटो चौराहे पर लगवा दिया। वहीं स्थानीय मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि हम गन्ना किसानों की बात करते हैं, लेकिन सपा जिन्ना को याद करती है। 75 साल पहले जिन्ना को देश से फेंक दिया था। यह देश जिन्ना का नहीं हमारा-तुम्हारा है। भारत में रहना है तो हिंदुस्तान जिंदाबाद कहना होगा।