एक हफ्ते के अंदर प्रयागराज में दूसरी बार एक ही परिवार के पांच की निर्मम हत्या से सनसनी

प्रखर प्रयागराज। जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सभी लोगों का बेरहमी से कत्ल किया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के थरवई के खैवजपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इनमें दंपति के साथ उनकी बेटी बहू और 2 साल की पौत्री शामिल है। सभी को धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतारा गया। हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घर के एक कमरे में आग लगा दी थी। भोर में लोगों ने घर से धुआं निकलता देखा तो मौके पर पहुंचे। जिसके बाद घटना की जानकारी हुई। मृतकों में राम कुमार यादव (55), उसकी पत्नी कुसुम देवी (52), बेटी मनीषा (25), बहू सविता (27) और पौत्री मीनाक्षी (2) शामिल हैं। जबकि एक अन्य पौत्री साक्षी (5) जिंदा मिली है। हत्या किसने और क्यों की इस बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस अफसर मौके पर हैं जांच पड़ताल जारी है। इससे पहले प्रयागराज के नवाबगंज के खागलपुर गांव में 16 अप्रैल को प्रीति तिवारी (38) व उसकी तीन बेटियों माही(12), पीहू(8) और कुहू(3) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी, जबकि पति राहुल तिवारी 42) फंदे पर लटका मिला था। सभी के शव घर के भीतर पड़े मिले थे। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें ससुरालवालों को घटना का जिम्मेदार बताया गया। पुलिस तहरीर के आधार पर चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। राहुल मूल रूप से कौशाम्बी के भदवा गांव का रहने वाला था। वह करीब ढाई महीने से खागलपुर में किराये के मकान में पत्नी व बेटियों संग रह रहा था। 16 अप्रैल को सुबह बहुत देर तक परिवारवालों के न दिखाई देने पर पड़ोसी बुलाने पहुंचे तो आंगन में राहुल को फंदे पर लटका देखा। शोरगुल पर गांववाले जुटे और भीतर जाकर देखा तो कमरे में प्रीति व तीनों बेटियों के रक्तरंजित शव पड़े थे। जांच पड़ताल में पता चला कि प्रीति व तीनों मासूमों को गला रेतकर मारा गया था। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को घर से ही दो पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला। इसमें ससुरालपक्ष के कुल 11 लोगों के नाम लिखे थे, जिन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। यह भी लिखा है कि इन लोगों की प्रताड़ना से मजबूर होकर ही यह कदम उठा रहा हूं।