ग़ाज़ीपुर- बीएचयू का चिकित्सा विज्ञान संस्थान सदैव रहेगा लीलावती देवी का र्ऋणी

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prakhar purvanchal
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*देहदान का संकल्प हुआ पूरा, पार्थिव शरीर पहुंचाया गया बीएचयू के एनाटॉमी विभाग में

*परिवार के सभी सदस्यों ने लिया है देहदान का संकल्प

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। कभी महर्षि दधीच की अस्थियां आई थी देवासुर संग्राम में काम और आज भी दधीच की परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसी के क्रम में लीलावती देवी का देहदान काफी प्रासंगिक एवं प्रशंसनीय है।
जनपद अंतर्गत मनिहारी विकासखंड के यूसुफपुर गांव में सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दुबे की माँ लीलावती ने मंगलवार को लगभग 2:00 बजे अंतिम सांस ली, जिन्हें परिवार के सदस्य मित्रगण एवं ग्राम वासियों ने भजन-कीर्तन करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित एनाटॉमी विभाग में सुपुर्द कर दिया, जिससे मेडिकल के बच्चे पढ़ाई करेंगे। लगभग 5 वर्ष पहले लीलावती देवी के पति सेवानिवृत्त अध्यापक मार्कण्डेय दुबे ने तत्कालीन कुलपति पंजाब सिंह को पत्र लिखकर देहदान करने का निवेदन किया, जिसे शहज स्वीकार कर लिया गया। पति के देहदान का समाचार सुनकर लीलावती देवी बहुत दुखी हुई और उन्होंने अपने पति से कहा कि हमारा भी देहदान करवा दीजिए हमने आपके साथ वैवाहिक जीवन के फेरे लगाये है। फिर क्या था उनका भी संकल्प पत्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पक्ष में भर दिया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रोएना सिंह ने पार्थिव शरीर समर्पित कर रहे परिवार के सदस्यों एवं उपस्थित लोगों से कहा कि लीलावती देवी सहित पूरे परिवार का ऋणी रहेगा महामना का चिकित्सा विज्ञान संस्थान। हमें मेडिकल के बच्चों को सीखने के लिए नहीं मिल पाता है पार्थिव शरीर क्योंकि लोग अभी रूढ़ियों में जकड़े हुए हैं। लीलावती देवी के सुपुत्र सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे ने बताया कि उनके माता-पिता सहित परिवार के छोटे बड़े सभी सदस्यों ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के पक्ष में देहदान का संकल्प लिया है। इसके पहले उनके द्वारा नेत्रदान कराकर 16 लोगों के जीवन में प्रकाश किया गया है। ब्रजभूषण दुबे ने बताया कि इसके पहले शेरपुर की कलावती राय का पार्थिव शरीर काशी हिंदू विश्वविद्यालय को मरणोपरांत सुपुर्द कर दिया गया है साथ ही अब तक जनपद में डेढ़ सौ से अधिक लोगों के देहदान का संकल्प पत्र भरा गया है। लगातार इसके लिए लोगों को जागरूक करने में उनके सहयोगियों ने महती भूमिका निभाया है।
इस दौरान लीलावती देवी के दोनों पुत्रों में चंद्रभूषण, ब्रजभूषण दोनों पुत्रियां मिथिलेश व उषा सहित परिवार के सभी सदस्य उक्त अवसर पर मौजूद थे साथ ही समग्र विकास इंडिया के व्याख्याता गुल्लू सिंह यादव, छात्र नेता शोभनाथ यादव, प्रवीण तिवारी, जिला पंचायत सदस्य रामू पासी, रमेश यादव, प्राचार्य वीरेंद्र प्रताप तिवारी, पारस, पंचम सिंह, जनार्दन सिंह, सर्वोदय, राजन ओझा, हसन अब्दुल्ला आदि लोगों ने मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए देहदान के संकल्प को राष्ट्र के लिए जरूरी बताया।

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